पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी : यूपी के 2.15 करोड़ किसानों के खातों में 4335 करोड़ रुपये आएंगे

रिपोर्ट : विजय तिवारी
लखनऊ।
किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत एक बार फिर बड़ी राशि किसानों के खातों में भेजी जाने की तैयारी है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को असम से योजना की 22वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत देशभर के करोड़ों किसानों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से अधिक किसान भी लाभान्वित होंगे।
जानकारी के मुताबिक इस किस्त के माध्यम से उत्तर प्रदेश के किसानों के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए 4335.11 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे। यह राशि पात्र किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजी जाएगी, जिससे उन्हें खेती-किसानी से जुड़े खर्चों में आर्थिक सहायता मिल सके।
किसानों को हर साल मिलती है छह हजार रुपये की सहायता
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवार को प्रतिवर्ष 6000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि तीन समान किस्तों में 2000-2000 रुपये के रूप में सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है। इस योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहारा देना तथा खेती से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद करना है।
यूपी को मिला अब तक सबसे अधिक लाभ
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है जहां इस योजना से सबसे अधिक किसानों को लाभ मिला है। अब तक जारी 21 किस्तों के माध्यम से प्रदेश के किसानों के खातों में कुल 94,668.58 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी जा चुकी है।
शुक्रवार को जारी होने वाली 4335.11 करोड़ रुपये की नई किस्त के बाद यह कुल राशि बढ़कर लगभग 99,003.69 करोड़ रुपये हो जाएगी।
वर्षवार किसानों को मिली सहायता
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत उत्तर प्रदेश के किसानों को अलग-अलग वर्षों में बड़ी धनराशि उपलब्ध कराई गई है।
2018-19: 2238.92 करोड़ रुपये
2019-20: 11006.87 करोड़ रुपये
2020-21: 14432.14 करोड़ रुपये
2021-22: 15775.52 करोड़ रुपये
2022-23: 12454.32 करोड़ रुपये
2023-24: 13808.48 करोड़ रुपये
2024-25: 15594.74 करोड़ रुपये
2025-26 (अप्रैल–जुलाई): 5043.33 करोड़ रुपये
2025-26 (अगस्त–नवंबर): 4314.26 करोड़ रुपये
2025-26 (दिसंबर–मार्च): 4335.11 करोड़ रुपये
डीबीटी से पारदर्शी व्यवस्था
योजना के तहत राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है और लाभार्थियों को पारदर्शी तरीके से सहायता मिलती है। प्रशासनिक स्तर पर भी लाभार्थियों के सत्यापन और आधार लिंकिंग की प्रक्रिया को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि पात्र किसानों को समय पर लाभ मिल सके।
सरकार का कहना है कि इस योजना के माध्यम से किसानों को नियमित आर्थिक सहयोग मिल रहा है, जिससे कृषि कार्यों में निवेश बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिल रही है।




