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उत्तर प्रदेश

प्रयागराज | माघ मेला २०२६- एरावत घाट पर 13 राज्यों के श्रद्धालुओं का महासंगम, मौनी अमावस्या स्नान को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और रूट डायवर्जन सख़्त

प्रयागराज | माघ मेला २०२६- एरावत घाट पर 13 राज्यों के श्रद्धालुओं का महासंगम, मौनी अमावस्या स्नान को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और रूट डायवर्जन सख़्त
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रिपोर्ट : विजय तिवारी

उत्तर प्रदेश।

प्रयागराज में माघ मेला 2026 के तहत मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के स्नान पर्वों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए घाटों का क्षेत्रवार विभाजन, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है।

मौनी अमावस्या के अवसर पर देश के 13 राज्यों से आने वाले श्रद्धालु झूंसी स्थित एरावत घाट सहित निर्धारित स्नान घाटों पर महास्नान करेंगे। झूंसी क्षेत्र का एरावत घाट सबसे बड़े स्नान स्थल के रूप में विकसित किया गया है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के एक साथ स्नान की समुचित व्यवस्था की गई है।

राज्यवार घाट आवंटन

श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही और भीड़ के संतुलन के उद्देश्य से पूर्वी, मध्य, पश्चिमी और दक्षिण भारत से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग घाट निर्धारित किए गए हैं। इससे संगम और आसपास के क्षेत्रों में अत्यधिक दबाव की स्थिति से बचाव होगा।

रूट डायवर्जन और यातायात नियंत्रण

स्नान पर्वों के दौरान प्रयागराज शहर में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, जबकि श्रद्धालुओं के निजी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों तक ही जाने की अनुमति होगी। प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन लागू कर यातायात को वैकल्पिक रास्तों से संचालित किया जाएगा।

पार्किंग और आवागमन की सुविधा

मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 42 पार्किंग स्थलों पर लगभग 1.30 लाख वाहनों के ठहराव की व्यवस्था की गई है। पार्किंग से घाटों तक पैदल मार्ग, संकेतक बोर्ड और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है ताकि श्रद्धालु आसानी से स्नान स्थल तक पहुंच सकें।

सुरक्षा, निगरानी और आपात तैयारी

मेले की सुरक्षा के लिए 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में एआई आधारित कैमरे शामिल हैं। भीड़ की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 10-स्तरीय आपातकालीन कार्ययोजना लागू की गई है। त्वरित चिकित्सा सहायता के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया है, जिससे एंबुलेंस और राहत दल बिना किसी बाधा के पहुंच सकें।

अनुशासन और नियम

सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संगम सहित सभी 16 स्नान घाटों को ‘नो फोटोग्राफी–वीडियोग्राफी ज़ोन’ घोषित किया गया है। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित घाटों पर ही स्नान करें, रूट डायवर्जन और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी स्थिति में अफवाहों पर ध्यान न दें।

माघ मेला 2026 के मौनी अमावस्या महास्नान को लेकर की गई ये व्यवस्थाएं श्रद्धा, अनुशासन और सुरक्षा के संतुलन के साथ आयोजन को सफल बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही हैं।

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