बस्ती-वाराणसी अपहरण कांड का सनसनीखेज खुलासा | कुछ घंटों में पुलिस की बड़ी कामयाबी

रिपोर्ट : विजय तिवारी
उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद से वाराणसी घूमने गए दो युवकों के अपहरण का मामला सामने आते ही हड़कंप मच गया। हालांकि, पुलिस की त्वरित और सटीक कार्रवाई ने अपराधियों की पूरी साजिश को कुछ ही घंटों में ध्वस्त कर दिया और दोनों युवकों को सकुशल बरामद कर लिया गया।
8 अप्रैल को बस्ती निवासी अनय उपाध्याय (19 वर्ष) अपने साथी दिव्यांशु उर्फ राहुल उपाध्याय (17 वर्ष) के साथ वाराणसी पहुंचे थे। 9 अप्रैल को कुछ शातिर बदमाशों ने दोनों को बंधक बना लिया और उनके मोबाइल फोन से परिजनों को कॉल कर फिरौती की मांग शुरू कर दी। अचानक आई इस सूचना से परिजनों में दहशत फैल गई और उन्होंने तत्काल थाना लालगंज में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई और बिना समय गंवाए ऑपरेशन शुरू किया। तकनीकी साक्ष्यों और जमीनी इनपुट के समन्वय से पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेसिंग, सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण और संदिग्ध ठिकानों पर दबिश जैसी रणनीतियों पर काम किया। इसी क्रम में पुलिस टीम वाराणसी पहुंची और गोइठहां चौराहा स्थित एक रेस्टोरेंट से दोनों युवकों को सकुशल बरामद कर लिया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों—शरीयत अली, जसवंत सिंह और अभिजीत सिंह—को गिरफ्तार कर लिया। सभी के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
घटना के बाद पीड़ित के पिता मनोज कुमार उपाध्याय ने पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डीजीपी उत्तर प्रदेश और बस्ती पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह पूरा घटनाक्रम न केवल पुलिस की मुस्तैदी और तकनीकी दक्षता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि संगठित और त्वरित कार्रवाई से गंभीर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।




