गंगा आरती दिखाने के नाम पर 10 श्रद्धालुओं को बनाया बंधक, पुलिस ने मंदिर का ताला तोड़ कर निकाला

15 फरवरी तक के लिए स्थगित की गई गंगा आरती दिखाने का झांसा देकर 10 श्रद्धालुओं को प्रयागघाट के ऊपर भूतेश्वर महादेव मंदिर में बंधक बना लिया गया। सभी से 200-200 रुपये की अवैध वसूली की गई। मौके से गुजर रही पुलिस ने मंदिर के ग्रिल का ताला तोड़ कर सभी श्रद्धालुओं को बाहर कराया। मामले को लेकर दशाश्वमेध थाने में दशाश्वमेध चौकी प्रभारी अनुज मणि तिवारी की तहरीर पर भूतेश्वर महादेव मंदिर के कर्ता-धर्ता पृथ्वी मांझी और अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
दशाश्वमेध चौकी प्रभारी के अनुसार, वह बुधवार की शाम क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। दशाश्वमेध घाट और शीतला घाट के बीच स्थित प्रयागघाट के ऊपर स्थित भूतेश्वर महादेव मंदिर की ग्रिल के अंदर से कुछ लोगों ने उन्हें और पुलिस कर्मियों को जाते हुए देख कर आवाज दी। उन लोगों का कहना था कि हम लोगों को मंदिर का मालिक और उसके कार्यकर्ता अंदर बंद कर दिए हैं। यह सुनकर पुलिस टीम भूतेश्वर महादेव मंदिर के पास पहुंची।
ग्रिल के अंदर से लोगों ने बताया कि हम लोगों को गंगा आरती दिखाने के बहाने यहां लाकर अंदर करके बाहर से ताला बंद कर दिया गया है। जब हम लोगों को पता चला कि गंगा आरती मौजूदा समय में बंद चल रही है। तब हम लोग वहां से बाहर निकलने की गुहार लगाने लगे। इस पर जिन लोगों ने उन्हें मंदिर में बंद किया था वह कहने लगे कि 200-200 रुपये प्रति व्यक्ति तत्काल दीजिए तो बाहर जाने दें।




