कुशीनगर में मदनी मस्जिद पर चला बुलडोजर, सरकारी जमीन पर बनी थी

प्रशासन ने मदनी मस्जिद पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी. यह कार्रवाई हाईकोर्ट द्वारा 8 फरवरी तक दिए गए स्टे की अवधि पूरी होने के बाद की गई. मदनी मस्जिद को लेकर 18 दिसंबर 2024 से जांच चल रही थी, जिसमें अनियमितताओं के आरोप लगे थे. प्रशासन ने मुस्लिम पक्षकारों को तीन बार नोटिस जारी किया, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की गई. कुशीनगर में मदनी मस्जिद पर बुलडोजर चाल दिया गया है. जानकारी के मुताबिक सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद ऐसा किया गया है. दरअसल, मस्जिद का कुछ हिस्सा सरकारी जमीन पर बना हुआ था और इस वजह से मस्जिद पर बुलडोजर चला दिया गया.
जानकारी के मुताबिक बिना नक्शा पास किए ही इस मस्जिद का निर्माण किया गया था. ऐसे में अब मस्जिद को गिरा दिया गया है. इस वजह से मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है.
सीएम तक शिकायत पहुंचने के बाद हाटा नगर पालिका में अवैध तरीके से बनाए गए मदनी मस्जिद पर रविवार को बुलडोजर चला। तीन जेसीबी और एक क्रेन की मदद से पुलिस की मौजूदगी में मस्जिद को ध्वस्त किया गया। जांच के दौरान ही मस्जिद पक्षकारों ने मस्जिद को खाली कर दिया था और कार्रवाई के दौरान आस-पास नजर नहीं आए।
हाटा नगर के बचनदेव सिंह ने सीएम को शिकायती पत्र देकर एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद का निर्माण नगर पालिका प्रशासन की मिलीभगत से होने का आरोप लगाया था। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त जांच में पता चला कि पुलिस विभाग और सरकारी जमीन के कुछ हिस्सों पर मस्जिद का निर्माण अवैध तरीके से कराया गया है।
नोटिस मिलने के बाद मस्जिद पक्षकारों ने 1999 का नक्शा और कुछ पत्रावलियों को नगर पालिका प्रशासन को दिया। जांच में नक्शे के हिसाब से निर्माण होना नहीं पाया गया। नक्शा सिर्फ दो मंजिल भवन का पास था और निर्माण अंडरग्रांउड के अलावा तीन मंजिल तक करा लिया गया था।
हाटा कोतवाल सुशील शुक्ला की तहरीर पर मस्जिद पक्षकारों पर केस भी दर्ज हुआ था, लेकिन प्रशासन चुप्पी साथ लिया था। पीड़ित ने दोबारा सीएम से मिलकर शिकायत करने की चेतावनी दी थी। रविवार को सुबह अचानक भारी संख्या में पुलिस बल मस्जिद के पास पहुंचे। कुछ देर बाद तीन बुलडोजर भी पहुंच गए और मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस छावनी में पूरा मोहल्ला तब्दील है।




