श्रद्धालु चुनने लगे सड़क पर गिरे फूल, समेटने लगे चरणों की धूल....

प्रयागराज में आज महाकुंभ (Mahakumbh 2025) मेले में आस्था का जनसैलाब उमड़ा है. लोग पवित्र डुबकी लगाने के लिए देश विदेश से प्रयागराज पहुंचे हुए हैं. संगम तट पर पहले अमृत स्नान (Amrit Snan) के लिए साधु संतों की भारी भीड़ उमड़ी है. सुबह जैसे ही साधु-संत अमृत स्नान करने के लिए निकले तो वहां भक्तों का भी जनसैलाब उमड़ा आया. जिस तरफ से साधु-संतों का कारंवा निकल रहा था, वहां खड़े लोग उनके चरणों की धूल माथे पर लगाते नजर आए. मकर संक्रांति के अवसर पर विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों ने मंगलवार को महाकुंभ मेले में अमृत स्नान कर रहे हैं.
सोशल मीडिया पर संगम नगरी यानि प्रयागराज से जो वीडियो सामने आया है, उसमें दिखाई दे रहा है कि जिस जगह से साधु-संतों के अखाड़ों का कारवां स्नान करने के लिए गुजरा है. वहां से साधु संतों के पैरों के नीचे की मिट्टी उठाकर लोग अपने माथे पर लगा रहे हैं. जबकि संतों का कारवां आगे बढ़ चुका है. अमृत स्नान के लिए निकले अखाड़ों के ऊपर श्रद्धालुओं ने फूल बरसाएं. इस दौरान संगम तट भगवानों के उद्घोष से गूंज रहा था. चारों तरफ का वातावरण पूरी तरह भक्तीमय हो चुका है. लोग स्नान के लिए गुजरे साधु-संतों की फोटो क्लिक करते भी नजर आएं.
मकर संक्रांति पर महाकुंभ का पहला अमृत स्नान
मकर संक्रांति के अवसर पर विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों ने महाकुंभ मेले में अमृत स्नान जारी है. सबसे पहले श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी और श्री शंभू पंचायती अटल अखाड़ा ने अमृत स्नान किया. पहला अमृत स्नान कई मायनों में खास है. यह सोमवार को पौष पूर्णिमा के अवसर पर संगम क्षेत्र में पहले बड़े ‘स्नान' के एक दिन बाद हुआ. महाकुंभ में विभिन्न संप्रदायों के संतों के 13 अखाड़े भाग ले रहे हैं. यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट कर कहा, ‘‘यह हमारी सनातन संस्कृति और आस्था का जीवंत स्वरूप है. आज लोक आस्था के महापर्व मकर संक्रांति के पावन अवसर पर महाकुम्भ-2025, प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में प्रथम अमृत स्नान कर पुण्य अर्जित करने वाले सभी श्रद्धालु जनों का अभिनंदन!.''अखाड़ों को अमृत स्नान की तिथियों और उनके स्नान क्रम के बारे में जानकारी मिल गई है.




