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उत्तर प्रदेश

स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड से सम्मानित हुआ चंदौली का लाल: रक्तदान के क्षेत्र में सराहनीय और अतुलनीय कार्य के लिए मिला सम्मान, युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत...

स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड से सम्मानित हुआ चंदौली का लाल: रक्तदान के क्षेत्र में सराहनीय और अतुलनीय कार्य के लिए मिला सम्मान, युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत...
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ओ पी श्रीवास्तव,चंदौली

चंदौली: जनपद के मुख्यालय स्थित गौतम नगर निवासी युवा को आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मानित किया। बता दें कि 22 बार रक्तदान करके अजित कुमार सोनी ने ना जाने कितनों को जीवनदान दिया है। यह तथ्य सर्व सत्य है कि रक्तदान महादान है,इससे बड़ा पुण्य कार्य कोई नहीं है। रक्तदान के साथ ही अजित कुमार सोनी ने समाज के उस वर्ग के बीच पहुंचकर लोगों की मदद की है, जहां से लोग गुजरना नहीं चाहते हैं। बच्चों को संस्कार देने और शिक्षित करने के जज्बे के साथ ही रक्तदान में अग्रणी भूमिका का निर्वहन करने वाले इस 29 वर्षीय युवक ने कीर्तिमान स्थापित किया तो उनके जज्बे को सलाम करते हुए उन्हें सूबे के मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड से नवाजा।

आपको बता दें कि रविवार का दिन चंदौली जिले के निवासियों के लिए उपलब्धि भरा रहा। प्रदेश भर के सभी जनपदों में यूपी दिवस मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में इसका शुभारंभ किया। एक भव्य और शानदार समारोह में नामचीन रक्तदाता एवं युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत अजित कुमार सोनी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड से सम्मानित किया। जिसमें 50 हजार की नगद धनराशि का चेक, स्वामी विवेकानंद की कांस्य की प्रतिमा,शाल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री के अलावा खेल मंत्री उपेंद्र नाथ तिवारी, अपर मुख्य सचिव डिम्पल वर्मा एवं युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

आपको बता दें कि अजीत कुमार सोनी विद्यार्थी जीवन से कुछ अलग करने की उत्कंठा लेकर समाज के अछूते पहलुओं में योगदान के करतब दिखा रहे थे। इसी उत्कंठा,इच्छा, सपने और जुनूनियत को पूरा करने की चाह में उन्होंने कुछ मित्रों के साथ मिलकर जन सहयोग संस्थान नामक ट्रस्ट की स्थापना की। कोरोना त्रासदी के दौरान जहां लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों में कैद रहे वहीं अजित और उनकी टीम ने लोगों के बीच पहुंचकर उनकी भरपूर मदद की। जब उनकी नजर समाज के उन अछूते पहलुओं पर पड़ी तो उनका रूह कांप उठा। उन्होंने उनके बीच पहुंचकर उन्हें शिक्षित और संस्कारिक बनाने की पहल की। पहल सार्थक रंग लाया और एक मजबूत श्रखंला बन पड़ी।

स्वामी विवेकानंद यूथ अवार्ड से सम्मानित होने के पश्चात उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह गौरव का क्षण है, इससे बेहतर और आगे सामाजिक कार्यों में जुझारू रूप से कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। प्राप्त हुए धनराशि से जरूरतमंद परिवारों और उनके बच्चों को शिक्षित करने की दिशा में कार्य करेंगे। कहा कि अवॉर्ड से मुझे और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत का कार्य करेगी।

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