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उत्तर प्रदेश

चंदौली में बिजली विभाग के अधिकारियों की मनमानी उजागर: जनता को सहूलियत देने के नाम पर वसूली!विद्युत बिल जमा होने के बाद भी काटा जा रहा कनेक्शन, उपभोक्ताओं ने जमकर काटा बवाल....

चंदौली में बिजली विभाग के अधिकारियों की मनमानी उजागर: जनता को सहूलियत देने के नाम पर वसूली!विद्युत बिल जमा होने के बाद भी काटा जा रहा कनेक्शन, उपभोक्ताओं ने जमकर काटा बवाल....
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मीडिया टीम को देख मौके से फरार हुए एसडीओ, जेई समेत अन्य कर्मचारी...

ओ पी श्रीवास्तव,चंदौली

चंदौली:खबर जनपद चंदौली से है जहां विगत दिनों सुर्खियों में छाए बिजली विभाग के कारनामें एक फिर उजागर हुए हैं। बता दें कि अलसुबह बिजली चेकिंग के नाम पर एसडीओ, जेई समेत अन्य कर्मी चंदौली नगर पंचायत के पुरानी बाजार मार्केट में पैदल मार्च करते हुए एक सिरे से बिजली उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन को काटना शुरू कर दिया। बिजली बिल चेक करने तक की सुधि नहीं ली। जिनका बिजली बिल भुगतान किया जा चुका था उनका भी बिजली कनेक्शन काट दिया गया।इस दौरान लोगों ने बताया कि उन्होंने दिसंबर माह तक का बिजली बिल जमा किया था, उसके बावजूद इतना बिल बाकी है कहकर बिजली उपभोक्ताओं के कनेक्शन की कटौती कर दी गई। इस दौरान लोगों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से बात की तो उन्होंने बात करने तक की जहमत नहीं उठाई।आक्रोशित नगरवासियों ने बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों संग जमकर बवाल काटा। प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी से इस वसूली पर रोक लगाने और मनमाने बिजली बिल की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की। हालांकि चेकिंग दस्ता चला रही बिजली विभाग की टीम मौके पर मीडिया टीम को देखते ही रफूचक्कर हो गई।

अवैध कनेक्शन और बड़े बकायेदारों के खिलाफ चेकिंग अभियान के नाम वसूली का खेला जा रहा है खेल...

आपको बता दें कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर विद्युत विभाग चंदौली के उपखंड अधिकारी विवेक मोहन श्रीवास्तव की माने तो नगर एवं क्षेत्रीय इलाकों में बिजली के बड़े बकायेदारों एवं अवैध कनेक्शनधारियों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन प्रदर्शन कर रहे लोगों की माने तो बिल भुगतान करने वाली आमजनता का बिजली कनेक्शन क्यों काट दिया गया, यह समझ से परे है। सभासद बबलू सोनी ने बताया कि उनका बिजली बिल 38 हजार का था। स्मार्ट मीटर लगवाने के बाद जब बिजली बिल का भुगतान करने पहुंचे तो 90 हजार बिल बताया गया। इस बाबत कई एसडीओ विवेक मोहन श्रीवास्तव एवं जेई सुनील कुमार से बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने आज - कल कहकर मामले से पल्ला झाड़ लिया। थक हारकर बिजली बिल जमा होने के बावजूद उनका कनेक्शन आज काट दिया गया। वहीं हरदेव साव के बेटे ने बताया कि उनका बिजली भुगतान प्रत्येक माह होता है। उन्होंने बिजली बिल दिखाते हुए बताया कि दिसंबर माह में बकाया बिल 1418 रुपए जमा किया था। आज चेकिंग अभियान चला रही पहुंची टीम ने उनका भी कनेक्शन काट दिया। जब बात करने पहुंचा तो 40 हजार का बिल बकाया बताते हुए अधिकारी कार्यालय में मिलने की बात कहकर चलते बने। वहीं अन्य बिजली उपभोक्ता की माने तो उसका बिजली बिल का भुगतान हो चुका है। मात्र 500 पेंडिंग है, उसके बावजूद उसका कनेक्शन काट दिया गया। बिजली विभाग के इस मनमाने रवैए से क्षुब्ध होकर लोग धरनारत हो उठे। उन्होंने कहा कि जनता को सहूलियत देने के नाम पर वसूली का खेल जारी है। बड़े बकायेदारों और अवैध कनेक्शन के खिलाफ चेकिंग अभियान के नाम पर घरेलू कनेक्शन धारियों को परेशान किया जा रहा है।




एसडीओ एवं जेई नहीं सुनते उपभोक्ताओं की, लगवाते हैं कार्यालय के चक्कर...

बता दें कि चेकिंग अभियान चला रही विद्युत टीम की मनमानी देख आक्रोशित कृष्णा जायसवाल ने पूरे टीम के समक्ष ही एसडीओ से अपनी परेशानियों को लेकर बेबाक हो उठे। इस दौरान उन्होंने तीन बार समस्या के समाधान के लिए एसडीओ दफ्तर और जेई सुनील कुमार से कार्यालय जाकर मिलने की बात बताई, लेकिन किसी ने कोई सुधी नहीं ली। उन्होंने बिजली बिल में संशोधन की मांग करते हुए डीएम से मामले में हस्तक्षेप की मांग की। मौके पर एसडीओ और जेई ने एक बार फिर कार्यालय का चक्कर लगाने की नसीहत दी। प्रदर्शन कर रहे लोगों की माने तो एसडीओ और जेई उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करने की बजाय कार्यालय के चक्कर लगवाते हैं, उसके बावजूद भी समस्या का निदान नहीं होता है।

हालांकि पूरे प्रकरण में एक बार फिर एसडीओ विवेक मोहन श्रीवास्तव ने लोगों की समस्याओं का समाधान करने का हवाला देते हुए मौके पर मीडिया टीम को देखते ही रफूचक्कर हो गए। वहीं प्रदर्शन कर रहे लोगों की माने तो करीब 70 लोगों के बिजली कनेक्शन काटे गए हैं और कुछ लोगों के खिलाफ गलत तरीके से बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। हालांकि पूरे प्रकरण पर देखना लाजिमी होगा कभी विजलेंस कर्मियों के मनमाने रवैए के कारण सुर्खियों में रही बिजली विभाग के कारनामें और अब चेकिंग अभियान के नाम आम उपभोक्ताओं की परेशानियों को लेकर जिलाधिकारी और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों कोई समुचित रास्ता अख्तियार करते हैं या मामले को ठंडे बस्ते में डाल जनता को सहूलियत देने के नाम पर वसूली का खेल बदस्तूर जारी रहता है।

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