विधायक की लाचारगी किसानों को नहीं दिला पा रहे बिजली कनेक्शन

चौरीचौरा के विधायक सरवन निषाद ने बिजली निगम वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक ने पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष को एक्सईएन के नाम से पत्र लिखकर शिकायत की और इनके तबादले के लिए लिखा है। विधायक के मुताबिक, मनमाने तरीके से एक्सईएन अवैध कनेक्शन जारी करते हुए खुद तो आर्थिक लाभ ले रहे हैं, लेकिन जरूरतमंद किसानों और अन्य के कनेक्शन में लापरवाही बरत रहे हैं।
विधायक सरवन निषाद ने लिए शिकायती पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। इनके मुताबिक, विद्युत वितरण खण्ड-प्रथम के अधिशासी अभियंता हर्षराज रस्तोगी क्षेत्र में उपभोक्ताओं की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। खंड के अंदर आने वाले किसान उपभोक्ताओं को भी काफी निराशा उठानी पड़ रही है।
बिजली कनेक्शन नहीं होगा तो किसान निजी ट्यूबवेल के कनेक्शन कैसे लेंगे? इससे खेती किसानी भी प्रभावित हो रही है। इस संबंध में पहले भी कई बार एक्सईएन से संपर्क कर इन मुद्दों को सामने रखा है। क्षेत्र के उपभोक्ताओं से कई बार शिकायत सामने आई है कि बार-बार खंड कार्यालय जाने और आवेदन के बाद भी उन्हें बिजली कनेक्शन नहीं जारी किया जा रहा है।
आरोप लगाया कि बार-बार जनप्रतिनिधि की तरफ से भी ध्यान दिलाए जाने के बाद भी एक्सईएन की कार्यशैली में सुधार नहीं आ रहा है।
-खंड से जेई का हुआ है निलंबन
बिजली निगम के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एक्सईएन खुद के काम को जिम्मेदारी से करने की जगह दूसरे कर्मचारियों की गलत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दे रहे हैं। अभी हाल में ही थ्रू रेट कम होने की वजह से एमडी उप्र पॉवर कारपोरेशन ने मेडिकल ग्रामीण जेई सुरेंद्र पाल का निलंबन कर दिया था।
बिजली उपकेंद्र से उपभोक्ताओं तक बिजली बेचने की दर को थ्रू रेट कहते हैं। उदाहरण, बिजली घर से चार रुपये थ्रू रेट प्रति किलोवाट की दर से बिजली बाहर भेजी गई। जेई की तरफ से 3 रुपये 90 पैसे के दर से थ्रू रेट वसूला।
लेकिन, एक्सईएन की तरफ से इस थ्रू रेट को दो रुपये दिखाकर दो रुपये की कमी दिखा दी गई। इस गलत रिपोर्ट पर संबंधित एक्सईएन को निगम के अन्य अधिकारियों ने आपत्ति जताते हुए फटकारा भी था। लेकिन, तब तक कर्मचारी पर कार्रवाई की जा चुकी थी।
कोर्ट केस में लापरवाही पर भी एक कर्मी निलंबित
खंड में कोर्ट केस देख रहे एक लिपिक नरेंद्र यादव को भी एमडी ऑफिस की तरफ से कार्य में लापरवाही पर निलंबित कर दिया गया। सूत्रों ने बताया कि यहां भी एक्सईएन की तरफ से लिपिक को लेकर गलत रिपोर्ट भेज दी गई। दरअसल, बिजली निगम के एक कर्मचारी के निधन के बाद उसपर लंबित देयता को लेकर उसकी पत्नी से निगम ने वसूली भेजा था।
इसपर पत्नी कोर्ट में चली गई थीं। इस संबंध में कर्मचारी के जीपीएफ खाते की रकम भी जारी होनी थी। लेकिन, पडरौना में तैनाती के दौरान उसकी सर्विस बुक के आधार पर जीपीएफ का निर्धारण होता। बाबू की तरफ से एक्सईएन को लिखते हुए पडरौना में सर्विस बुक को लेकर कई बार पत्राचार किया गया था।
लेकिन, वहां से रिकॉर्ड नहीं आ सका। इसी बीच एमडी ऑफिस से पूछे पर जाने पर एक्सईएन की तरफ से इस तथ्य को छिपाते हुए रिपोर्ट देकर नरेंद्र यादव पर कार्रवाई करवा दी गई।
क्षेत्र में जनता की समस्याओं के समाधान के लिए जनता जनप्रतिनिधि चुनती है। मेरे पास संबंधित बिजली निगम के अधिकारी को लेकर लगातार शिकायतें आ रही हैं। लगातार शिकायतों के बाद एक्सईएन से कई बार इस संबंध में बात कर चुका हूं। इसके पहले भी इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। लेकिन, कार्रवाई नहीं हुई और जनता परेशान फिर शिकायत करती रही। एक बार फिर शिकायत की है। उम्मीद है कार्रवाई की जाएगी: सरवन निषाद, विधायक चौरीचौरा




