सूर्य मन्दिर का पुनर्निर्माण ही महाराजा सुहेलदेव को होगी सच्ची श्रद्धांजलि : स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि

कहा,देश में तीस हजार ऐसे स्थान जहाँ पहले थे मन्दिर अब मस्जिद
बंगलादेश से वापस लिया जाए नोबल पुरस्कार
भारतीय सेना भेजकर की जाए बांग्लादेशी हिन्दुओं की सुरक्षा
अनुराग गुप्ता
बहराइच। देश में तीन प्रमुख मंदिर हैं,कोणार्क,मोणार्क और बालार्क।
यहां पर महर्षि बालार्क द्वारा सूर्य मन्दिर बनाया गया था। भारत में मुगलों ने जब आक्रमण किया तो महमूद गजनवी के भांजे सैय्यद सालार मसऊद गाजी ने मन्दिर को ध्वस्त कर दिया था। इस मन्दिर की मुक्ति के लिये अनेक बार आन्दोलन हुए हैं। उन आन्दोलनों में मैं और उत्तर प्रदेश के मुख्मयंत्री योगी आदित्यनाथ भी स्वयं आ चुके हैं। आज जब केन्द्र और प्रदेश में भाजपा की सरकारें हैं तब महाराजा सुहेलदेव की आत्मा को श्रद्धांजलि देने के लिए इस स्थान को मुक्त होना चाहिये और यहां पर भव्य सूर्य मंदिर का निर्माण होना चाहिये। उक्त बातें बहराइच पहुँचे अखिल भारतीय सन्त समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और श्री पंचदश नाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानन्द गिरि ने कही।
उन्होंने कहा कि रामजन्मभूमि के निर्णय से सीख लेते हुए सबूत और दस्तावेज लेकर हिन्दू समाज को इसके लिए न्यायालय की शरण लेना चाहिये।
महामंडलेश्वर ने कहा कि भारत में तमाम मस्जिदों को यदि खोदा जाए तो पता चलेगा कि वे सब मन्दिर की नींव पर बनी हैं। उन्होंने कहा कि विहिप की एक पत्रिका ने तीस हजार स्थान चिन्हित किये हैं जहां पर हिन्दू मन्दिर थे आज उन सभी स्थानों पर फिर से हिन्दू मन्दिर की स्थापना कराये जाने की आवश्यकता है।
बंग्लादेश की घटना पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बंग्लादेश में सरेआम मानवता का गला घोंटा जा रहा है। वहां मानवता शर्मसार हो रही है। महन्त ने संयुक्त राष्ट्र संघ की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि दुनिया को संयुक्त राष्ट्र संघ की क्या आवश्यकता है जब वो बंग्लादेश में हो रहे अत्याचार को सिर्फ देख रहा है।
उन्होंने बंग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने नोबल पुरस्कार वापस लेने की वकालत की। कहा कि क्या अशान्ति फैलाने वाले लोगों को नोबल शान्ति पुरस्कार मिलता है। उन्होंने बंग्लादेश के प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस को तानाशाह की संज्ञा दी और विश्व समुदाय से मामले में दखल देने की अपील भी की।
महामंडलेश्वर ने भारत सरकार से अपील करते हुए कहा कि भारतीय सेना भेजकर बंगलादेशी हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और देश में शरण ले चुके रोहिंग्या बंगलादेशियो को खोज-खोजकर बाहर निकाले जाने की बात भी कही।




