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उत्तर प्रदेश

बांग्लादेशी अवैध प्रवासी, खतरे की घंटी : कैलाश द्विवेदी

बांग्लादेशी अवैध प्रवासी, खतरे की घंटी : कैलाश द्विवेदी
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खारघर में बांग्लादेशी अवैध प्रवासियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ज्यादातर फल विक्रेता और लगभग हर चौराहे पर नारियल बेचने वाले बांग्लादेशी नागरिक ही हैं। इस गंभीर मुद्दे पर हमारे नेता क्यों चुप हैं? क्या ये सब कुछ चंद अतिरिक्त वोट पाने के लिए हो रहा है?

स्थिति की वास्तविकता

अवैध व्यापारियों का कब्जा: गैर-हॉकिंग ज़ोन में इन अवैध व्यापारियों को अनुमति दी जा रही है।

फुटपाथ पर अतिक्रमण: पैदल चलने के लिए बने फुटपाथों पर व्यापार हो रहा है, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है।

साफ-सफाई का अभाव: नारियल के अवशेष फुटपाथ पर ही फेंके जा रहे हैं, जिससे गंदगी फैल रही है।

सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग: फुटपाथ के डिवाइडर तोड़कर नारियल बेचने के लिए टेबल बनाई जा रही हैं।

एक उदाहरण:

सेक्टर-6 के मोड़ पर नारियल बेचने वाले फुटपाथ और डिवाइडर का खुलेआम अतिक्रमण कर रहे हैं। यह केवल एक उदाहरण है, ऐसी स्थिति पूरे भारत में हो रही है।

राजनीतिज्ञों से सवाल:

नेताओं को याद दिलाना जरूरी है कि उन्हें जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए चुना गया है। यह समस्या अगर समय रहते नहीं सुलझाई गई, तो भविष्य में बड़े खतरे का रूप ले सकती है।

मांग :

हमारे स्थानीय सांसद, विधायक, और नगरसेवकों से निवेदन है कि इस मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई करें। पनवेल महानगरपालिका को भी अपनी नींद से जागकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

अब समय आ गया है कि हम सभी जागरूक बनें और अपने क्षेत्र की समस्याओं को नजरअंदाज न करें।

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