“साजिश का गठबंधन था, वोट बांटने का भांडा फूटा: हाजी तालिब अंसारी”

मुरादाबाद: समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष हाजी तालिब अंसारी ने पश्चिम बंगाल में असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लेमीन (एआईएमआईएम) और हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी के बीच गठबंधन टूटने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दोनों दल अब पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं और जनता इनकी हकीकत समझ चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह गठबंधन भाजपा को हराने के लिए नहीं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया था। उनका कहना था कि इसका असली मकसद मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण कर भाजपा के लिए रास्ता आसान करना था।
हाजी तालिब अंसारी ने कहा कि एआईएमआईएम के प्रवक्ता आसिम वकार ने भी इस गठबंधन पर सवाल उठाते हुए हुमायूं कबीर को भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी का करीबी बताया था। अब जब पूरा मामला सामने आ गया है, तो एआईएमआईएम गठबंधन तोड़कर अपनी छवि बचाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि हुमायूं कबीर के कथित स्टिंग ऑपरेशन से यह साफ हो गया है कि “कयादत” के नाम पर किस तरह बड़े स्तर पर सौदेबाजी की जाती है।
बिहार का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वहां भी इसी तरह की रणनीति के जरिए फासिस्ट ताकतों को फायदा पहुंचाया गया, जिसका परिणाम सबके सामने है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भी यही फार्मूला लागू किया जा रहा था, लेकिन समय रहते इसका भंडाफोड़ हो गया।
हाजी तालिब अंसारी ने कहा कि ऐसे तत्व उत्तर प्रदेश में भी समाजवादी पार्टी और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ये लोग भाजपा के खिलाफ लड़ना चाहते हैं या सपा-कांग्रेस जैसे सेकुलर दलों के खिलाफ।
अंत में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जागरूक जनता ऐसे लोगों को चुनाव में मुंहतोड़ जवाब देगी और प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी।




