Janta Ki Awaz
उत्तर प्रदेश

बाराबंकी की राजनीति का एक युग समाप्त — पूर्व मंत्री संग्राम सिंह वर्मा का निधन

बाराबंकी की राजनीति का एक युग समाप्त — पूर्व मंत्री संग्राम सिंह वर्मा का निधन
X

रिपोर्ट : विजय तिवारी

बाराबंकी।

उत्तर प्रदेश की राजनीति के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और तीन बार विधायक रहे संग्राम सिंह वर्मा का सोमवार को निधन हो गया। वह लगभग 92 वर्ष के थे। पिछले एक सप्ताह से उनका लखनऊ के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही बाराबंकी सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

लंबा राजनीतिक जीवन और मजबूत जनाधार

संग्राम सिंह वर्मा लंबे समय तक बाराबंकी की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे। वह बाराबंकी विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक निर्वाचित हुए और क्षेत्रीय राजनीति में मजबूत पकड़ बनाए रखी। अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने संगठन और जनसंपर्क पर विशेष ध्यान दिया, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में उनका व्यापक जनाधार रहा।

प्रदेश सरकार में उन्होंने कृषि राज्य मंत्री तथा रेशम उद्योग मंत्री के रूप में कार्य किया। मंत्री रहते हुए उन्होंने किसानों, ग्रामीण विकास और स्थानीय उद्योगों से जुड़े मुद्दों पर काम किया, जिसके कारण उन्हें एक जमीनी नेता के रूप में पहचान मिली।

कुर्मी समाज के बड़े नेता के रूप में पहचान

बाराबंकी जिले में कुर्मी समाज की राजनीति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। दिग्गज नेता बेनी प्रसाद वर्मा के बाद जिले में कुर्मी समाज के प्रमुख नेताओं में उनकी गिनती होने लगी थी। उन्होंने संगठनात्मक स्तर पर समाज को राजनीतिक रूप से मजबूत करने का काम किया और लंबे समय तक सामाजिक व राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे।

कई राजनीतिक दलों में रहे सक्रिय

अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने समय-समय पर दल परिवर्तन भी किया।

वर्ष 2017 में उन्होंने अपने समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा।

वर्ष 2022 में वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे।

उनके इस राजनीतिक निर्णय का बाराबंकी जिले की राजनीति पर बड़ा प्रभाव पड़ा था और उस समय यह फैसला काफी चर्चा में रहा था।

परिवार भी राजनीति में सक्रिय

उनका परिवार भी लंबे समय से राजनीति और स्थानीय निकायों में सक्रिय रहा है।

उनके भाई सुरेंद्र वर्मा हरख ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं।

उनकी पत्नी शीला सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष रहने के बाद वर्तमान में नगर पालिका अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं।

इस तरह उनका परिवार भी जिले की राजनीति में प्रभावशाली माना जाता है।

धार्मिक और सामाजिक कार्यों में भी रहे आगे

संग्राम सिंह वर्मा सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी सक्रिय रहते थे। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए उन्होंने 50 लाख रुपये का योगदान दिया था, जिसकी व्यापक चर्चा और सराहना हुई थी। इसके अलावा उन्होंने शिक्षा, सामाजिक कार्यक्रमों और जनहित कार्यों में भी सहयोग किया।

जिले की राजनीति में एक युग का अंत

उनके निधन को बाराबंकी की राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है। उनके समर्थकों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों में शोक का माहौल है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद किया।

संग्राम सिंह वर्मा का जीवन क्षेत्रीय राजनीति, संगठन और समाज सेवा के लिए समर्पित रहा, और इसी कारण वह लंबे समय तक बाराबंकी की राजनीति के केंद्र में बने रहे।

Next Story
Share it