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उत्तर प्रदेश

वाराणसी : महानवमी पर मां सिद्धिदात्री के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

वाराणसी : महानवमी पर मां सिद्धिदात्री के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
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वाराणसी : महानवमी के पावन अवसर पर मां दुर्गा के नवम स्वरूप मां सिद्धिदात्री की विशेष पूजा-अर्चना पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ की गई। ब्रह्म मुहूर्त से ही भक्तों का मंदिरों में आगमन शुरू हो गया। श्रद्धालु नारियल, गुड़हल के फूलों की माला, लाल चुनरी और प्रसाद लेकर माता के दरबार में पहुंचे।

मंगला आरती के पश्चात जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, पूरा वातावरण भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। भक्तों ने मां सिद्धिदात्री के चरणों में शीश नवाकर उनसे सिद्धि, सुख, शांति और सौभाग्य की कामना की।

मंदिर के महंत प्रेम शंकर ने बताया कि महानवमी का दिन मां सिद्धिदात्री की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ अवसर होता है। उन्होंने कहा कि काशी में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की अलग-अलग प्रतिष्ठा है और यह मंदिर विशेष रूप से मां सिद्धिदात्री को समर्पित है।

श्रद्धालुओं में भी गहरी आस्था देखने को मिली। रमेश चंद्र जायसवाल ने कहा कि मां सिद्धिदात्री की कृपा सदा अपने भक्तों पर बनी रहती है और उनकी पूजा से जीवन में सुख-शांति आती है। वहीं इंद्रा ने बताया कि माता के दर्शन मात्र से मन को अद्भुत शांति और संतोष का अनुभव होता है।

श्रद्धालु आशा ने बताया कि उन्होंने पूरे नौ दिनों तक विधि-विधान से माता की पूजा की है और महानवमी के दिन कन्या-पूजन करेंगी। उनका मानना है कि मां की सच्चे मन से आराधना करने पर हर मनोकामना पूर्ण होती है और यह पर्व सभी के लिए अत्यंत विशेष होता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां सिद्धिदात्री अपने भक्तों की भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें विविध सिद्धियां प्रदान करती हैं। शास्त्रों में वर्णित है कि भगवान शिव को भी माता की कृपा से ही समस्त सिद्धियां प्राप्त हुई थीं।

इस प्रकार, मां सिद्धिदात्री की उपासना केवल भौतिक सुख-समृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिक उन्नति और आत्मिक शांति का भी मार्ग प्रशस्त करती है।

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