आईआईटी पटना के शोध छात्र शैलेष कुमार यादव का शोध अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित, क्षेत्र में खुशी की लहर

संवाददाता
कुशीनगर जनपद के रामकोला थानाक्षेत्र के ग्राम सिधावें निवासी भगवन्त यादव के पुत्र एवं आईआईटी पटना के शोध छात्र शैलेष कुमार यादव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उनका शोध पत्र स्विट्जरलैंड के प्रतिष्ठित जियोटेक्निकल और जियोलॉजिकल इंजीनियरिंग जर्नल में चयनित होकर प्रकाशित हुआ है।
इस शोध पत्र का शीर्षक है —
"Effects of Specimen Geometry and Bamboo Biochar Amendment on Anisotropic Shrinkage Behavior of Soils"
(अर्थात — मिट्टी के अनिसोट्रोपिक सिकुड़न व्यवहार पर नमूने की ज्यामिति और बांस बायोचार संशोधन के प्रभाव)
शैलेष कुमार यादव वर्तमान में आईआईटी पटना में भूविज्ञान एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर पीएचडी शोध कार्य कर रहे हैं। अपने शोध में उन्होंने मिट्टी के सिकुड़न (Shrinkage) गुणों का गहन अध्ययन किया है, जो जियोटेक्निकल एवं जियो-एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
शोध के दौरान उन्होंने यह विश्लेषण किया कि नमूने के आकार (Geometry) और बांस से बने बायोचार के उपयोग से मिट्टी के अनिसोट्रोपिक सिकुड़न व्यवहार पर क्या प्रभाव पड़ता है। इस अध्ययन के निष्कर्ष भविष्य में मिट्टी के व्यवहार को समझने तथा लैंडफिल जैसी संरचनाओं के निर्माण एवं प्रबंधन में उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं।
शैलेष कुमार यादव एक किसान परिवार से संबंध रखते हैं। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र में खुशी की लहर है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया है, जिससे क्षेत्र के युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी।




