जो भक्तों के पापों का हरण कर ले वही हरि: आचार्य मनीष

बलदेव :(तुलसीराम)/ कस्बा स्थित रीढ़ा मौहल्ला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन सोमवार को कथा प्रवक्ता आचार्य मनीष जी महाराज ने कथा का रसपान कराया। व्यासपीठ से आचार्य मनीष ने प्रवचन करते हुए कहा कि सर्वेश्वर भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज में अनेकानेक बाल लीलाएं कीं, जो वात्सल्य भाव के उपासकों के चित्त को अनायास ही आकर्षित करती हैं। जो भक्तों के पापों का हरण कर लेते हैं, वही हरि हैं। नंदालय में गोपियों का तांता लगा रहता है। हर गोपी भगवान से प्रार्थना करती है कि किसी न किसी बहाने कन्हैया मेरे घर पधारें। जिसकी भगवान के चरणों में प्रगाढ़ प्रीति है।वही जीवन्मुक्त है। एक बार माखन चोरी करते समय मैया यशोदा आ गईं तो कन्हैया ने कहा कि मैया तुमने इतने मणिमय आभूषण पहना दिए हैं जिससे मेरे हाथ गर्म हो गए हैं तो माखन की हांडी में हाथ डालकर इन हाथों को शीतलता प्रदान कर रहा हूं। कथा के समापन पर फूलों की होली खेली गईं। भागवत प्रवक्ता मनीष आचार्य जी का स्वागत ब्लॉक प्रमुख प्रतीक सिंह भरंगर ने पटुका माला व श्री दाऊजी महाराज की छवि भेंट कर किया। परीक्षित श्याम सुन्दर अग्रवाल व रेखा अग्रवाल ने उतारी। इस अवसर पर सुजीत वर्मा, अनुज उपमन्यु, रवेंद्र सिंह, देव अग्रवाल, शिवा उपाध्याय, बच्चू सिंह, हरिपाल प्रधान, सतेंद्र पहलवान, आचार्य योगेंद्र, गौरव तोमर, आचार्य धीरज आदि लोग मौजूद थे।




