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उत्तर प्रदेश

रवीन्द्रालय चारबाग में लखनऊ पुस्तक मेला : तीसरे दिन रही भारी रौनक

‘हकीम लुकमान के चमत्कारी नुस्खे’ से लेकर ‘विश्वगुरु’ तक की किताबें आकर्षण का केंद्र

लखनऊ, 15 मार्च।

रवीन्द्रालय चारबाग में चल रहे लखनऊ पुस्तक मेले के तीसरे दिन रविवार होने के कारण सुबह से ही बड़ी संख्या में पुस्तक प्रेमी पहुंचे। निःशुल्क प्रवेश वाले इस मेले में परिवारों और युवाओं की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली और देर रात नौ बजे तक मेले में रौनक बनी रही।

मेले में साहित्य के साथ-साथ आयुर्वेद, यूनानी चिकित्सा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक विषयों की किताबें भी पाठकों को आकर्षित कर रही हैं। प्रयागराज के शर्मा बुक स्टॉल पर ‘हकीम लुकमान के चमत्कारी नुस्खे’, ‘धन्वंतरि कृत आयुर्वेदिक निघण्टु’, ‘वृहद बूटी प्रकाश’, ‘भारतीय जड़ी-बूटियां’ और ‘चिकित्सा सागर’ जैसी पुस्तकें लोगों की रुचि का केंद्र बनी रहीं।

दिव्यांश पब्लिकेशन के स्टॉल पर साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित नीलोत्पल मृणाल की ‘विश्वगुरु’, दिव्य प्रकाश दुबे की ‘पेंशन मत ले यार’ और दोस्तोयेव्स्की के उपन्यास ‘व्हाइट नाइट्स’ का हिंदी अनुवाद भी पाठकों द्वारा पसंद किया जा रहा है। मेले में सभी पुस्तकों पर कम से कम 10 प्रतिशत और कई स्टॉलों पर 20 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।

रंगों में सजा ‘वंदे मातरम्’

वंदे मातरम् गीत के डेढ़ सौ वर्ष पूरे होने के अवसर पर युवा चित्रकारों अश्वनी कुमार प्रजापति, गौरांग अग्रवाल, सिद्धार्थ देव, कपिल शर्मा, शिवा वर्मा, विश्वास मिश्रा, श्रेया गोस्वामी, संध्या विश्वकर्मा, नेहा और वर्षा शर्मा ने भूपेन्द्र अस्थाना के संयोजन में 15 फीट लंबे कैनवस पर मुख्यतः पीले, केसरिया और भूरे रंगों से आकर्षक चित्र उकेरे।

नवअंशिका फाउंडेशन की ओर से महिला माह के उपलक्ष्य में रंगोली प्रतियोगिता भी आयोजित हुई, जिसमें विजयलक्ष्मी गुप्ता, स्मिता पांडेय और दीपश्री शुक्ला सहित प्रतिभागियों ने पुस्तकों को शामिल करते हुए आकर्षक रंगोलियां बनाई।

साहित्यिक संगोष्ठी और परिचर्चा

साहित्यिक मंच पर मंजुश्री संस्था की संगोष्ठी में “मूल रचना से रूपांतरण में स्वतंत्रता” विषय पर दयानंद पांडेय, शैलेश श्रीवास्तव, विवेक शुक्ला, डॉ. अमिता और संगम बहुगुणा ने अपने विचार रखे।

इसी क्रम में अवधी व्यंजनों पर आयोजित परिचर्चा में अवधी साहित्यकार डॉ. रामबहादुर मिसिर ने हाल ही में लखनऊ को यूनेस्को द्वारा “सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी” घोषित किए जाने का उल्लेख करते हुए अवध के पारंपरिक व्यंजनों की विशेषताओं पर प्रकाश डाला।

‘प्रेम एक नदी से’ कहानी संग्रह का विमोचन

डॉ. संजय कुमार मालवीय के कहानी संग्रह ‘प्रेम एक नदी से’ का विमोचन वरिष्ठ साहित्यकार प्रमोदकांत मिश्र ने डॉ. सुधाकर अदीब की अध्यक्षता में किया। वक्ताओं ने कहा कि संग्रह की कहानियां मानवीय भावनाओं और जीवन की यथार्थ परिस्थितियों को सहज भाषा में प्रस्तुत करती हैं।

कार्यक्रम में डॉ. अमिता दुबे और पद्मकांत शर्मा प्रभात ने भी पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त किए। इसके अलावा डॉ. अमिता दुबे की 63वीं पुस्तक ‘भाव सुमन की सुगंध’ का भी विमोचन हुआ।

युवा रचनाकार सम्मान

शाम को युवा रचनाकार मंच के 46वें युवा रचनाकार दिवस पर सुल्तानपुर के युवा साहित्यकार आदर्श पांडेय को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. मृदुल शर्मा, श्रीकृष्ण द्विवेदी ‘द्विजेश’, अवधेश गुप्त ‘नमन’, तारावती विद्या, सुषमा श्रीवास्तव, रितुराज पांडेय और इंजीनियर सुनील कुमार ने रचनापाठ किया।

16 मार्च के कार्यक्रम

11:00 बजे – काव्या सतत् साहित्य यात्रा : काव्य गोष्ठी

12:30 बजे – शारदेय प्रकाशन की संगोष्ठी

2:00 बजे – पुस्तक विमोचन : डॉ. अमरेश मोहन

5:00 बजे – अवधी व्यंजन उत्सव

5:30 बजे – सुंदर साहित्य सम्मान समारोह

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