आवास अनियमितता की जांच हेतु भारत सरकार का निर्देश

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का मामला
संवाददाता, कुशीनगर
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं की गूंज अब दिल्ली तक पहुंच गई है। पूर्व विधायक मदन गोविन्द राव द्वारा की गई शिकायत पर भारत सरकार ने संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अनुभाग अधिकारी अभिषेक रंजन द्वारा 26 फरवरी 2026 को जारी पत्र में प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग उत्तर प्रदेश को निर्देशित किया गया है कि पूर्व विधायक मदन गोविन्द राव ने 23 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर राज्य स्तर पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा की गई कार्रवाई से मंत्रालय और शिकायतकर्ता को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि इस मामले को लेकर पूर्व में भी पूर्व विधायक द्वारा संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर शिकायत की जा चुकी है। इसके क्रम में 30 जनवरी को उत्तर प्रदेश शासन के मिशन निदेशालय (सूडा) की निदेशक अपूर्वा दुबे ने जिलाधिकारी कुशीनगर को कथित शिकायतों के संबंध में अविलंब उच्चस्तरीय जांच कराने का आदेश दिया था तथा की गई कार्रवाई से शासन को अवगत कराने को कहा था।
हालांकि अब तक जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ‘भूमि’ और ‘कॉलोनाइजेशन’ राज्य सरकार के विषय हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) मिशन का संचालन भी राज्य सरकार के अधीन होता है। इसलिए इस मामले में राज्य सरकार स्तर पर ही जांच और कार्रवाई की अपेक्षा की गई है।
इस पत्र की प्रतिलिपि राज्य नगरीय विकास अभिकरण (SUDA) उत्तर प्रदेश तथा शिकायतकर्ता पूर्व विधायक मदन गोविन्द राव को भी भेजी गई है।




