गुल्लाबीर मंदिर में आस्था का सैलाब, ‘आठों मेला’ में उमड़े हजारों श्रद्धालु

देश का अनोखा मंदिर जहाँ चौरा रूप में विराजमान हैं हनुमान जी, पौराणिक और ऐतिहासिक मान्यताओं से जुड़ा स्थल
आनन्द गुप्ता
बहराइच।
जनपद का प्रसिद्ध एवं पौराणिक श्री गुल्लाबीर मंदिर एक ऐसा अद्वितीय धार्मिक स्थल है जहाँ भगवान श्री हनुमान जी चौरा रूप में विराजमान हैं। मान्यता है कि पूरे भारतवर्ष में यह पहला स्थान है जहाँ हनुमान जी इस स्वरूप में पूजे जाते हैं। मंगलवार को यहां आयोजित पारंपरिक ‘आठों मेला’ में नेपाल सहित प्रदेश के कई जिलों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे और भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
मंदिर से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने भी इस स्थल पर शरण ली थी। कहा जाता है कि सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी ने यहां एक महायज्ञ किया था और उस यज्ञ की रक्षा के लिए स्वयं श्री हनुमान जी को नियुक्त किया गया था। तभी से हनुमान जी यहां चौरा रूप में विराजमान होकर क्षेत्रवासियों की रक्षा करते आ रहे हैं।
यह मंदिर केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। स्वाधीनता आंदोलन के दौर में बहराइच और आसपास के कई राष्ट्रभक्तों ने गुल्लाबीर मंदिर को अपनी गतिविधियों का केंद्र बनाया था। बताया जाता है कि 1857 की क्रांति से पूर्व मंगल पांडे ने यहां के स्थानीय राजाओं के साथ इसी मंदिर परिसर में गुप्त बैठकें की थीं, जिससे यह स्थान क्रांतिकारी इतिहास का भी साक्षी रहा है।
श्री रामलीला एवं श्री गुल्लाबीर मंदिर कमेटी के अध्यक्ष श्यामकरण टेकड़ीवाल ने बताया कि पौराणिक महत्व के इस मेले में सनातन समाज के सभी वर्गों के लोग बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। मेले के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक रूप से कढ़ाई हलवा का भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया गया।
मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले व अन्य आकर्षण भी लगाए गए थे। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामनाएं मांगीं।
आठों मेला को सफल बनाने में प्रबंधक राधेश्याम त्रिपाठी, सभासद सुरेश गुप्ता, जय जय अग्रवाल, राहुल राय, संतोष अग्रवाल, कमल शेखर गुप्ता, विनोद कोठारी सहित अन्य लोगों की सक्रिय भूमिका रही।




