पुण्यतिथि पर जगह जगह याद किए गए बिलारी के प्रथम विधायक हाजी मौहम्मद इरफान

बिलारी। मंगलवार को बिलारी के प्रथम विधायक हाजी मौहम्मद इरफान को उनकी दसवीं पुण्यतिथि पर याद कर जगह जगह श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सर्वप्रथम तहसील बिलारी में तहसील बार एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता एकत्र हुए जहां उन्होंने बिलारी के प्रथम विधायक हाजी मौहम्मद इरफान को याद किया। इस दौरान बिलारी विधायक हाजी मौहम्मद फहीम इरफान ने भी उनको खिराजे अकीदत पेश करते हुए कहा कि मेरे वालिद ने 40 साल वकालत कर बिलारी तहसील में जनसेवा दी। इस अवसर पर मुख्य रूप से तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी विनय सिंह, पूर्व अध्यक्ष भगवान सरन माथुर, पूर्व अध्यक्ष आफाक हुसैन एडवोकेट, पूर्व अध्यक्ष कमाल अकबर, सचिव जबर सिंह एडवोकेट, चौधरी अनोद कुमार, सुनील कुमार, अब्दुल कुददूस, नवाब हुसैन, गुलाम मौहम्मद, चेतन्य पाल सिंह, परमजीत सिंह, विशन सिंह आर्य, शाहरूक मलिक, बसर मलिक, जाहिद मलिक, ताहिर एडवोकेट, तहजीब आलम, केके नवल, फैसल इरफान, फुुरकान अली, अबुल आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। इसके अलावा सपा कैंप कार्यालय एम0आई0 हाउस पर फातेहा व मगफिरत के लिए दुआ कार्यक्रम का आयोजन हुआ जहां सपा कार्यकर्ताओं और उलेमाओं ने याद कर खिराजे अकीदत पेश की और उनके कार्यकाल में विकास कार्यों को याद किया। इस अवसर पर नगर अध्यक्ष शाहनावाज आलम, जिला सचिव कसीम आजाद, सददाम सैफी, आमिल सिददीकी सभासद, जरीफ अंसारी सभासद, प्रशान्त गुप्ता, अरविन्द सिंह, रेहान पाशा, शिशुपाल सिंह, एपी यादव आदि मौजूद रहे। इसके अलावा रॉयल पब्लिक स्कूल और एमएजेएमआई इंटर कॉलेज में भी कॉलेज और स्कूल संस्थापक के तौर पर हाजी मौहम्मद इरफान को याद किया गया। इस दौरान स्कूल प्रबंधन ने कॉलेज संस्थापक को याद करते हुए कहा कि बिलारी के प्रथम विधायक हाजी मौहम्मद इरफान क्षेत्र की जनता को पढ़ा-लिखाकर शिक्षा के ़क्षेत्र में आगे बढ़ाने का प्रयास किया, उन्होंने स्कूल और कॉलेज की स्थापना की ताकि क्षेत्र के बच्चे पढ़-लिखकर डॉक्टर, कलैक्टर, इंजीनियर, एडवोकेट बन सकें। इस दौरान मुख्य रूप से प्रबंधक मौहम्मद हस्सान उर्फ फैजी, प्रधानाचार्य एम कुमार, शाहनावाज खान, अमन जौहरी, जावेद आलम, मौहम्मद अली, मौहम्मद आसिम, मौहम्मद आरिफ, पीयूष शर्मा, उषा, नूरजहां, शीतल कटयाल, दिव्या, आयुषी, उमूल वराह, नेहा सिंह, नेहा जौहरी, शिवा, हर्ष सक्सैना आदि मौजूूद रहे। वारिस पाशा बिलारी




