व्यावसायिक गैस सिलिंडर की किल्लत से बाजार होगा बेजार, सड़क पर आ जाएंगे पटरी दुकानदार

लखनऊ में घरेलू व व्यावसायिक गैस सिलिंडर के दाम में 115 रुपये तक की बढ़ोतरी के बाद सोमवार को व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति पर रोक लग गई है। सोमवार को जैसे ही लोगों को इसकी जानकारी हुई, नए सिलिंडर बुक कराने वालों की होड़ मच गई। जिला आपूर्ति अधिकारी ने दावा किया कि सोमवार को भी व्यावसायिक गैस सिलिंडर की आपूर्ति की गई है। दूसरी ओर, आपूर्ति रुकने के साथ ही मुनाफाखोर सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने 1900 रुपये वाले व्यावसायिक सिलिंडर के लिए 3200 से 3500 रुपये का रेट तय कर दिया है। खानपान से जुड़े कारोबारियों के अनुसार, व्यावसायिक सिलिंडर की आपूर्ति रुकने से खानपान का बाजार बेहद खराब हालत में पहुंचना तय है। इसका असर बड़ी आबादी पर होगा। पटरी व्यवसायी हो या बड़े होटल, सभी पर बड़ा असर पड़ेगा।
कारोबारियों के सामने अब तीन विकल्प
व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने पर अपना होटल, रेस्टोरेंट, खानपान की दुकान या ठेला-खोमचा बंद कर दें। इससे उन लोगों की रोजी-रोटी पर भी असर होगा, जो इन प्रतिष्ठानों में काम करते हैं।
लगभग दोगुने दाम पर ब्लैक में सिलिंडर लेकर काम करें और खानपान की चीजों के दाम बढ़ा दें। इसका नुकसान ग्राहकों को खानपान की महंगी चीजों के रूप में उठाना पड़ेगा।
कारोबारी चोरी-छिपे घरेलू सिलिंडर का इस्तेमाल कर अपना धंधा करते रहें, क्योंकि अभी घरेलू सिलिंडर की आपूर्ति पर रोक का आदेश नहीं है। इससे घरेलू सिलिंडर का संकट बढ़ सकता है। इससे घर-घर के लोग प्रभावित होंगे।
आवक का संकट, आपूर्ति पर रोक नहीं
जिला आपूर्ति अधिकारी विजय प्रकाश ने बताया कि रीफिलिंग प्लांट से व्यावसायिक गैस सिलिंडर की आवक का संकट है, मगर आपूर्ति को रोका नहीं गया है। अब बुकिंग करने वालों को सख्त निगरानी के साथ सिलिंडर की आपूर्ति होगी। यदि कोई सिलिंडर का भंडारण करते पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
आंकड़ों में हालात...
1000 से ज्यादा छोटे-बड़े होटल हैं शहर में।
5000 से ज्यादा रेस्टोरेंट, मिठाई, बेकरी की दुकानें हैं।
50,000 से ज्यादा खानपान से जुड़े ठेले-खोमचे वाले हैं।
2000 व्यावसायिक सिलिंडर की औसत खपत है राजधानी में।
90 फीसदी व्यावसायिक सिलिंडर 19 किलो क्षमता के होते हैं।
02-03 दिन ही चल पाएगा बाजार में मौजूद व्यावसायिक सिलिंडर स्टॉक।
कैटरर्स की नींद उड़ी, कैसे खिलाएंगे खाना
व्यावसायिक गैस सिलिंडर की आपूर्ति रोकने के आदेश की जानकारी के बाद कैटरर्स की नींद उड़ गई है। कैटरर रितिक जायसवाल ने बताया कि 15 मार्च तक सहालग होने के कारण उनके पेशे से जुड़े 500 से ज्यादा लोगों के पास खानपान के इंतजाम का बयाना है। 11 मार्च को सबसे बड़ी सहालग है, जिसमें करीब 2000 शादियां व पार्टियां हैं। जबकि 15 मार्च तक करीब 3000 पार्टियों के होने का अनुमान है। व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने पर खानपान कैसे तैयार होगा, यह बड़ी समस्या है।
बुधवार को दुकान बंद करने की आएगी नौबत
उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष व इंदिरानगर में मिठाई की दुकान चलाने वाले अविनाश त्रिपाठी बताते हैं कि व्यावसायिक सिलिंडर रोज-रोज आते हैं। किसी के पास भी एक दिन से ज्यादा का स्टॉक नहीं होता है। अधिकतम मंगलवार तक काम चल सकता है, लेकिन उसके बाद दुकान बंद करने की नौबत होगी। बड़ी समस्या यह है कि शादी के सीजन में तमाम ऑर्डर लगे हैं, वह कैसे पूरे होंगे।
कच्चा माल हो जाएगा खराब
उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के रेस्टोरेंट सेल के प्रभारी दिनेश शर्मा बताते हैं कि हमारी भूतनाथ मार्केट में मिठाई की दुकान है। रविवार तक सिलिंडर मिला था, लेकिन अब नहीं मिल पा रहा है। बहुत खींचकर दो दिन तक स्टॉक वाले सिलिंडर चल जाएंगे। उसके बाद सिलिंडर नहीं मिला तो कारखाने में रखा कच्चा माल भी खराब जाएगा। असली समस्या यह है कि किसी भी कीमत पर सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं।
कैटरिंग कारोबारियों के सामने साख बचाने की चुनौती
कैटरिंग कारोबार से जुड़े व्यापारी महेश शर्मा, जितेंद्र वर्मा, राजू चौधरी बताते हैं कि सहालग के समय में अप्रत्याशित रूप से बढ़ी सिलिंडरों की कीमत से उनके लिए बड़ा संकट पैदा हो गया है। क्योंकि, सारी बुकिंग पहले ही हो गई है। रेट भी तय हो गए हैं। 13 मार्च तक सहालग हैं। 1900 रुपये वाला सिलिंडर 3200-3500 रुपये में मिल रहा है। आपूर्ति थमने से हमने जो कैटरिंग बुक की है उसका क्या होगा? ग्राहक तो पैसा भी नहीं देगा।
छोटे कारोबारियों को लगेगा बड़ा झटका
टेंट कैटरिंग एंड डेकोरेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कुमार बताते हैं कि अगर वह ब्लैक में सिलिंडर लेकर कैटरिंग का काम करते हैं तो उनका एक बुकिंग पर 15-20 हजार तक का नुकसान है। बड़े कैटरर्स को तो बहुत फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन छोटे कारोबारियों को बड़ा झटका लगेगा।
सड़क पर आ जाएंगे पटरी दुकानदार
जिले में करीब 30 हजार खानपान सेवा वाले पटरी दुकानदार हैं। किसी को भी घरेलू सिलिंडर लगाने की अनुमति नहीं है। व्यावसायिक सिलिंडर नहीं मिला तो पटरी दुकानदार क्या करेंगे? आज के जमाने में मिट्टी के तेल से चलने वाला स्टोव भी नहीं इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में पटरी दुकानदार के सामने रोजी-रोटी का संकट होगा। काम बंद हुआ तो सभी सड़क पर आ जाएंगे। - अशोक गुप्ता, नेता, पटरी दुकानदार
मंगलवार को दुकान कैसे चलेगी नहीं पता
सोमवार सुबह से ही आफत मची हुई है। कोई भी गैस सप्लायर फोन नहीं उठा रहा है। मंगलवार को दुकान कैसे चलेगी, यह तक पता नहीं है। अचानक सिलिंडर की आपूर्ति थमने से मिठाई व रेस्टोरेंट कारोबार पूरा ठप हो जाएगा। - अनिल विरमानी, मिठाई दुकानदार, चारबाग




