वाराणसी में आयकर अपीलीय अधिकरण की स्थाई पीठ की स्थापना हेतु संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री से की मुलाकात

पूर्वी उत्तर प्रदेश के करदाताओं एवं अधिवक्ता समुदाय के हित में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आयकर बार एसोसिएशन, आयकर अपीलीय अधिकरण (ITAT) बार एसोसिएशन तथा जीएसटी बार एसोसिएशन के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने आज वाराणसी में माननीय केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी से शिष्टाचार भेंट कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में अरविंद शुक्ला (अध्यक्ष, ITAT बार एसोसिएशन), आसिम जफर (संयुक्त सचिव), आशुतोष भारद्वाज (अध्यक्ष, इनकम टैक्स बार एसोसिएशन), अतनु अधिकारी, संजय वर्मा एवं अजय सिंह सहित अनेक वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने वाराणसी में वर्तमान सर्किट बेंच के स्थान पर आयकर अपीलीय अधिकरण की स्थाई पीठ (Permanent Bench) स्थापित किए जाने की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। माननीय मंत्री महोदय ने विषय को गंभीरता से लेते हुए आश्वस्त किया कि वे इस मांग को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) एवं संबंधित मंत्रालयों के समक्ष प्राथमिकता के आधार पर उठाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वर्तमान में वाराणसी सर्किट बेंच में 600 से अधिक अपीलें लंबित हैं तथा विगत लगभग 17 महीनों से कोई नियमित भौतिक सुनवाई नहीं हुई है। इससे करदाताओं को अनावश्यक विलंब, आर्थिक बोझ एवं दंडात्मक कार्यवाहियों का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी गईं—
1. स्थाई बुनियादी ढांचा – अस्थायी व्यवस्था के स्थान पर स्वतंत्र रजिस्ट्री एवं सरकारी स्वामित्व वाले समर्पित भवन की स्वीकृति प्रदान की जाए।
2. नियमित भौतिक सुनवाई – जटिल आयकर वादों के प्रभावी एवं त्वरित निस्तारण हेतु नियमित भौतिक सुनवाई पुनः प्रारंभ की जाए।
3. अधिकार क्षेत्र का विस्तार – पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों के साथ-साथ बिहार के सीमावर्ती जिलों—कैमूर (भभुआ), बक्सर एवं सासाराम—को भी वाराणसी पीठ के अधिकार क्षेत्र में सम्मिलित किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने अवगत कराया कि वाराणसी सर्किट बेंच की स्थापना वर्ष 2018 में माननीय प्रधानमंत्री की पहल पर हुई थी। साथ ही, 21 दिसंबर 2025 को ITAT लखनऊ के रजत जयंती समारोह में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा सार्वजनिक रूप से वाराणसी में स्थाई पीठ स्थापित किए जाने की घोषणा की गई थी।
वाराणसी में स्थाई पीठ की स्थापना से चंदौली, मिर्जापुर, जौनपुर, गाजीपुर एवं गोरखपुर सहित पूर्वांचल के अनेक जिलों के करदाताओं को अत्यंत सुविधा प्राप्त होगी। वर्तमान में इन जिलों के नागरिकों को सुनवाई हेतु लखनऊ अथवा प्रयागराज की यात्रा करनी पड़ती है, जिससे समय एवं संसाधनों की अनावश्यक हानि होती है।
संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में न्यायिक संरचना को सुदृढ़ करने हेतु इस आश्वासन को शीघ्र ही मूर्त रूप देगी तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के करदाताओं को स्थाई पीठ के रूप में न्याय सुलभता का महत्वपूर्ण उपहार प्रदान करेगी।
— जारी कर्ता
संयुक्त प्रतिनिधिमंडल
आयकर एवं जीएसटी बार एसोसिएशन, वाराणसी




