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उत्तर प्रदेश

पुलिस दबाव या संयोग? व्यापारी की मौत पर थानाध्यक्ष पर हत्या का मामला दर्ज नाबालिग से दुष्कर्म आरोप के बीच पलटा घटनाक्रम, दो मुकदमों से गरमाया माहौल; जांच दूसरे थाने को सौंपी

पुलिस दबाव या संयोग? व्यापारी की मौत पर थानाध्यक्ष पर हत्या का मामला दर्ज नाबालिग से दुष्कर्म आरोप के बीच पलटा घटनाक्रम, दो मुकदमों से गरमाया माहौल; जांच दूसरे थाने को सौंपी
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आनन्द प्रकाश गुप्ता

बहराइच। थाना रामगांव क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान आरोपी व्यापारी की इलाज के दौरान मौत हो जाने से मामला तूल पकड़ गया है। मृतक के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने थानाध्यक्ष रामगांव समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है, जिससे पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई है।

क्षेत्राधिकारी महसी पवन कुमार ने बताया कि 26 फरवरी 2026 की शाम तिवारीपुरवा निवासी रामजीत पुत्र केशवराम ने थाना रामगांव में लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया कि उसके परिचित रामगोपाल उर्फ राकेश कुमार श्रीवास्तव (उम्र लगभग 55 वर्ष) ने 22 फरवरी की दोपहर उसके घर आकर उसकी 10 वर्षीय पुत्री के साथ छेड़छाड़ व दुष्कर्म किया। इस तहरीर के आधार पर पुलिस ने मु0अ0सं0 59/2026 में धारा 74, 333, 351(3) बीएनएस तथा 7/8 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस के अनुसार जांच के दौरान आरोपी रामगोपाल अपने भांजे अंकुर श्रीवास्तव के साथ स्वयं थाने आया था। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। पुलिस का कहना है कि वरिष्ठ उपनिरीक्षक शैलेंद्र कुमार यादव उसे तत्काल इलाज के लिए उसके निजी अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई और परिजन शव घर ले गए।

घटना के बाद मृतक के पुत्र अनिकेत श्रीवास्तव ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए तहरीर दी, जिसके आधार पर थाना रामगांव में मु0अ0सं0 60/2026 धारा 103(2), 352 बीएनएस के तहत थानाध्यक्ष गुरूसेन सिंह व अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए इस मामले की विवेचना रामगांव थाने से हटाकर कोतवाली देहात बहराइच के प्रभारी निरीक्षक को सौंप दी गई है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

डीआईजी देवीपाटन मंडल अमित कुमार पाठक ने कहा कि दोनों पक्षों की एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। यदि जांच में लगाए गए आरोप असत्य पाए गए तो संबंधित पक्ष के विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था सामान्य है, जबकि पूरे घटनाक्रम पर वरिष्ठ अधिकारियों की नजर बनी हुई है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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