Janta Ki Awaz
उत्तर प्रदेश

मंत्री नरेंद्र कश्यप ने स्पेशल ओलंपिक विजेता दिव्यांग खिलाड़ी वासु तिवारी को किया सम्मानित

मंत्री नरेंद्र कश्यप ने स्पेशल ओलंपिक विजेता दिव्यांग खिलाड़ी वासु तिवारी को किया सम्मानित
X

लखनऊ | 08 फरवरी 2026

स्पेशल ओलंपिक में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले 32 वर्षीय दिव्यांग खिलाड़ी वासु तिवारी को रविवार को पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने अपने लखनऊ स्थित आवास पर मेडल पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर मंत्री कश्यप ने वासु की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और भविष्य में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

मंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि वासु तिवारी ने मार्च 2025 में इटली के ट्यूरिन शहर में आयोजित स्पेशल ओलंपिक स्नोशूइंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक तथा 25 मीटर दौड़ में रजत पदक हासिल किया। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में लगभग 150 देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया था।

वासु की इस उपलब्धि पर इटली से लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद भवन में उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी उन्हें सम्मान प्रदान कर चुकी हैं।

मंत्री कश्यप ने कहा कि कम उम्र में वासु ने असाधारण साहस, अनुशासन और मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया है, जो दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणास्रोत है। उन्होंने यह भी बताया कि शीघ्र ही वासु की मुलाकात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराई जाएगी। साथ ही उन्होंने वासु को आगामी अंतरराष्ट्रीय और ओलंपिक प्रतियोगिताओं में भाग लेकर देश और उत्तर प्रदेश का नाम और ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए प्रेरित किया।

बताया गया कि इटली में आयोजित स्पेशल ओलंपिक के लिए वासु का प्रशिक्षण हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित नारकंडा में कराया गया था। इस प्रतियोगिता में भारतीय दल ने कुल 33 पदक जीते, जिनमें छह स्वर्ण, 18 रजत और सात कांस्य पदक शामिल हैं।

वासु तिवारी मूल रूप से अयोध्या जनपद के निवासी हैं। उनकी माता डॉ. संगीता तिवारी पशुपालन निदेशालय में अपर निदेशक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनके पिता डॉ. अशोक कुमार तिवारी केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर (बरेली) के निदेशक रह चुके हैं। वासु की इस सफलता में जीवन धारा पुनर्वास केंद्र, बरेली, तथा उनके प्रशिक्षकों आकाश सक्सेना और शिवा का विशेष योगदान रहा है।

Next Story
Share it