सपा के वोटरों को टारगेट कर रहा चुनाव आयोग- अखिलेश

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट की जांच के नाम पर गलत काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार ने कुछ प्रोफेशनल एजेंसियां रखे है, जो कंप्यूटर डेटा की मदद से उन मतदान केंद्रों (बूथों) को चुन रही हैं जहां समाजवादी पार्टी जीती थी.
अखिलेश यादव के मुताबिक, इन बूथों पर बड़ी संख्या में फॉर्म-7 भरे जा रहे हैं. फॉर्म-7 का इस्तेमाल किसी व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट से हटाने या उस पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए होता है. उनका आरोप है कि यह सब योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कई जगहों पर इस वजह से लोगों ने विरोध भी किया और हालात बिगड़े हैं. उन्होंने कहा कि इसी की मदद से बीजेपी बिहार में चुनाव जीत पाई है.
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार डिजिटल इंडिया और विकसित भारत की बातें तो करती है, लेकिन बजट पूरे देश के लिए नहीं बल्कि सिर्फ 5 प्रतिशत मल्टीनेशनल कंपनियों और बड़े पूंजीपतियों के लिए बनाया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और यूरोप के साथ हो रहे समझौते डील नहीं, बल्कि देश का बाजार बड़े हाथों में सौंपने की साजिश हैं.
अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग में इस्तेमाल हो रहे सॉफ्टवेयर किसके हैं. उन्हें कौन ऑपरेट कर रहा है और बैक-ऑफिस से किसका नियंत्रण है.
उन्होंने मांग की कि फॉर्म-7 की प्रक्रिया तुरंत निरस्त की जाए और केवल फॉर्म-6 की कार्रवाई लागू हो. साथ ही कहा कि समाजवादी पार्टी के विधायक पूरी तैयारी के साथ सरकार को घेरेंगे और भ्रष्टाचार, महंगाई, किसान, नौजवान, महिलाओं की सुरक्षा और बढ़ते अपराध जैसे मुद्दों को सदन में उठाएंगे.
अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा हालात में गरीब परिवार शादी तक नहीं कर पा रहे हैं. सोना और रोज़मर्रा की ज़रूरत की हर चीज़ महंगी हो चुकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को न गरीब की चिंता है, न किसान की और न ही मरीज की. जेल से अपराधियों का भागना और कोडीन सिरप जैसे नशे का खुलेआम कारोबार सरकारी संरक्षण और मिलीभगत का नतीजा है.
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कई बीएलओ के बयान सामने आ रहे हैं, जिनमें कहा गया है कि उन्हें दबाया और धमकाया जा रहा है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इसके बावजूद बड़ी संख्या में बीएलओ लोकतंत्र को बचाने के लिए मजबूती से खड़े हैं.
अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष रहकर संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करे, न कि सिस्टम को कमजोर करने का माध्यम बने. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी की हर काली करतूत सामने आ रही है और अब देश की जनता जवाब चाहती है कि सरकार और चुनाव आयोग ईमानदार क्यों नहीं हैं.




