लोढ़ा अमारा में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक, निवासी डरे सहमे और समाधान की मांग पर अड़े

महारष्ट्र :
लोढ़ा अमारा सोसाइटी में इन दिनों आवारा कुत्तों की समस्या गंभीर होती जा रही है। रोजाना बच्चों के काटे जाने, बुजुर्गों को दौड़ाने और लोगों पर भौंकने की घटनाएं बढ़ रही हैं। करोड़ों रुपये देकर फ्लैट खरीदने वाले परिवार अब सुरक्षा को लेकर सबसे ज्यादा परेशान हैं।
निवासियों का कहना है कि सोसाइटी के भीतर सैकड़ों आवारा कुत्ते घूम रहे हैं और कई मामलों में बच्चों व बुजुर्गों पर हमला भी कर चुके हैं। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोग सुबह या शाम की वॉक के लिए भी डर के माहौल में निकलते हैं।
लोगों का आरोप है कि कुछ डॉग लवर इस स्थिति को और बिगाड़ रहे हैं। वे बाहर से कुत्तों को बुलाकर खाना खिलाते हैं, उन्हें पट्टा डालकर सोसाइटी में घुमाते हैं और ऐसा व्यवहार करते हैं जैसे यह उनके निजी पालतू हों। इससे कुत्तों का जमावड़ा और बढ़ रहा है और सोसाइटी परिसर उनके लिए आरामदायक जगह बन गई है।
निवासियों का कहना है कि अगर किसी को कुत्तों से प्रेम है तो वे उन्हें अडॉप्ट करके अपने घर में रखें, उनकी पूरी जिम्मेदारी लें। लेकिन खुले में खाना खिलाना और सोसाइटी में इनका घूमना पूरे परिसर की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहा है। कई माता-पिता ने बताया कि बच्चे पार्क में जाने से डर रहे हैं। बुजुर्गों के साथ भी कुत्तों के दौड़ाने की घटनाएं हो चुकी हैं।
निवासियों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर इन कुत्तों में से किसी ने किसी बच्चे या व्यक्ति को नुकसान पहुंचाया, तो जिन लोगों द्वारा उन्हें खिलाया-पिलाया और बढ़ावा दिया जा रहा है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
यह मुद्दा अब लोढ़ा अमारा के अधिकांश टावर्स में चर्चा का मुख्य विषय बन चुका है। लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार मैनेजमेंट से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया।
निवासियों की मांग है कि सोसाइटी मैनेजमेंट तुरंत हस्तक्षेप करे और आवारा कुत्तों की समस्या पर प्रभावी कदम उठाए। यदि समय रहते कार्यवाही नहीं हुई तो निवासी जन आंदोलन करने को मजबूर होंगे और लोढ़ा ग्रुप को इसका जवाब देना होगा।
परिवार अब उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन और मैनेजमेंट मिलकर जल्द से जल्द इस खतरे को खत्म करें, ताकि सोसाइटी में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।




