माता प्रसाद के समर्थन में उतरे दीपक मिश्र

ओमप्रकाश राजभर को बताया मर्यादाहीन मंत्री
समाजवादी चिंतक एवं बौद्धिक सभा के अध्यक्ष दीपक मिश्र ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय के समर्थन में बयान देते हुए कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर को मर्यादाहीन और गैर-जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि श्री राजभर को न तो अपनी गरिमा का बोध है और न ही दूसरों की प्रतिष्ठा का सम्मान।
दीपक मिश्र ने कहा कि माता प्रसाद पाण्डेय एक प्रतिबद्ध समाजवादी और सामाजिक न्याय के सच्चे सेनानी हैं, जिनका पूरा जीवन सांप्रदायिक शक्तियों के विरुद्ध संघर्ष में व्यतीत हुआ है। इसके विपरीत ओमप्रकाश राजभर अक्सर अनावश्यक, अतिरंजित और आपत्तिजनक बयान देकर चर्चा में बने रहने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश राजभर के आधारहीन और आपत्तिजनक वक्तव्यों से उत्तर प्रदेश की राजनीतिक छवि पूरे देश में धूमिल हो रही है। एक संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति को ऊल-जलूल बयानबाजी से बचना चाहिए, क्योंकि मंत्री का वक्तव्य सरकार का वक्तव्य माना जाता है।
दीपक मिश्र ने स्पष्ट किया कि माता प्रसाद पाण्डेय जैसे नेता कभी भी सांठ-गांठ की राजनीति नहीं करते। लोहिया की सोशलिस्ट पार्टी से लेकर वर्तमान समाजवादी पार्टी तक वे सदैव निष्ठावान और सिद्धांतवादी रहे हैं। ओमप्रकाश राजभर को चाहिए कि वे अपनी कमियों को दूसरों में देखने के बजाय आत्ममंथन करें।
उन्होंने यह भी कहा कि सनातनी होना भाजपाई होना नहीं है। सनातन एक प्राचीन और निरंतर पुनर्नव होने वाली परंपरा है, जबकि भाजपा का गठन मात्र 1980 में हुआ। दोनों को एक-दूसरे का पर्याय बनाना बौद्धिक दिवालियापन है।
दीपक मिश्र ने ओमप्रकाश राजभर को पत्र लिखकर कुतर्कों और बेतुकी बयानबाजी से बचने की सलाह दी तथा माता प्रसाद पाण्डेय जैसे वरिष्ठ और सिद्धांतवादी नेताओं के प्रति सम्मान रखने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि वे मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग करेंगे कि ऐसी बयानबाजियों पर रोक लगे, जिससे उत्तर प्रदेश की छवि देशभर में खराब हो रही है।




