वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का निधन, उद्योग जगत में शोक की लहर

निजी हादसे में हुआ दुखद अंत, पिता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया दर्द
रिपोर्ट : विजय तिवारी
लखनऊ।
देश के प्रमुख औद्योगिक समूह Vedanta Group के चेयरमैन Anil Agarwal के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का निधन हो गया है। उनके असमय निधन की खबर सामने आते ही भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय उद्योग जगत, कॉर्पोरेट जगत और सामाजिक संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई।
यह खबर इसलिए भी भावुक कर देने वाली है क्योंकि बेटे के निधन की पुष्टि स्वयं पिता अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक अत्यंत मार्मिक पोस्ट के माध्यम से की और इसे अपने जीवन का “सबसे अंधकारमय दिन” बताया।
कैसे हुआ हादसा, क्या रही मृत्यु की वजह
उपलब्ध और पुष्ट जानकारी के अनुसार, अग्निवेश अग्रवाल अमेरिका की निजी यात्रा पर थे। इसी दौरान वे एक स्कीइंग गतिविधि में शामिल हुए, जहां वे एक हादसे का शिकार हो गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं।
हादसे के तुरंत बाद उन्हें न्यूयॉर्क के माउंट सीनाई अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था और उनकी हालत में सुधार भी हो रहा था। परिजन और डॉक्टरों को उम्मीद थी कि वे खतरे से बाहर हैं।
इसी बीच इलाज के दौरान अचानक उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया। तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और डॉक्टरों ने अंततः उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अग्निवेश अग्रवाल की उम्र 49 वर्ष बताई जा रही है।
पिता अनिल अग्रवाल का X पर भावुक संदेश
बेटे के निधन के बाद अनिल अग्रवाल ने X पर जो पोस्ट साझा की, उसने हर पढ़ने वाले को भावुक कर दिया। उन्होंने लिखा—
“आज मेरी ज़िंदगी का सबसे अंधकारमय दिन है।
मेरा प्रिय बेटा अग्निवेश हमें बहुत जल्दी छोड़कर चला गया। वह केवल 49 वर्ष का था—स्वस्थ, जीवन से भरपूर और सपनों से लदा हुआ।
अमेरिका में स्कीइंग हादसे के बाद वह न्यूयॉर्क के माउंट सीनाई अस्पताल में तेजी से ठीक हो रहा था। हमें लग रहा था कि सबसे बुरा समय पीछे छूट गया है, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था। अचानक आए कार्डियक अरेस्ट ने हमारे बेटे को हमसे छीन लिया।
किसी पिता के लिए अपने बच्चे को खोने का दर्द शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। बेटा कभी पिता से पहले नहीं जाना चाहिए। यह नुकसान हमें भीतर तक तोड़ गया है।
मुझे आज भी वह दिन याद है जब 3 जून 1976 को पटना में अग्निवेश का जन्म हुआ था। एक मध्यमवर्गीय बिहारी परिवार से निकलकर वह ताक़त, करुणा और उद्देश्य से भरा इंसान बना। वह अपनी मां की ज़िंदगी की रोशनी था, एक जिम्मेदार भाई, सच्चा दोस्त और बेहद सौम्य इंसान।
अग्निवेश एक खिलाड़ी था, संगीत प्रेमी था, एक नेता था। उसने मयो कॉलेज, अजमेर में पढ़ाई की, फुजैराह गोल्ड जैसी कंपनी की स्थापना की, हिंदुस्तान जिंक का चेयरमैन बना। लेकिन इन सभी उपलब्धियों से ऊपर वह हमेशा सरल और मानवीय बना रहा।
मेरे लिए वह सिर्फ मेरा बेटा नहीं था, वह मेरा दोस्त था, मेरा गर्व, मेरी दुनिया।
किरण और मैं टूट चुके हैं, लेकिन इस दुख में भी हमें याद है कि वेदांता में काम करने वाले हज़ारों युवा भी हमारे बच्चे हैं।
अग्निवेश आत्मनिर्भर भारत के सपने में विश्वास करता था। वह कहा करता था—‘पापा, हमारे देश में किसी चीज़ की कमी नहीं है, फिर हम पीछे क्यों रहें?’
हमने मिलकर सपना देखा था कि कोई बच्चा भूखा न सोए, कोई शिक्षा से वंचित न रहे, हर महिला आत्मनिर्भर बने और हर युवा को सम्मानजनक रोज़गार मिले। मैंने उससे वादा किया था कि हमारी कमाई का 75 प्रतिशत से अधिक समाज को लौटाया जाएगा।
आज मैं उस वादे को फिर दोहराता हूं और और भी सरल जीवन जीने का संकल्प लेता हूं।
बेटा, तुम हमारे दिलों में, हमारे काम में और हर उस जीवन में ज़िंदा रहोगे जिसे तुमने छुआ। मैं नहीं जानता कि तुम्हारे बिना यह रास्ता कैसे तय करूंगा, लेकिन तुम्हारी रोशनी को आगे बढ़ाने की कोशिश जरूर करूंगा।”
अग्निवेश अग्रवाल : शिक्षा, व्यक्तित्व और कारोबारी पहचान
अग्निवेश अग्रवाल केवल एक उद्योगपति के बेटे नहीं थे, बल्कि उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई थी।
उन्होंने देश-विदेश से उच्च शिक्षा प्राप्त की थी।
वे उद्यमशील सोच, आधुनिक प्रबंधन और दूरदर्शिता के लिए जाने जाते थे।
वे वेदांता समूह से जुड़ी कई कंपनियों में बोर्ड और रणनीतिक भूमिकाओं में सक्रिय थे।
खेल, संगीत और सामाजिक गतिविधियों में उनकी गहरी रुचि थी।
कारोबारी जगत उन्हें एक संवेदनशील, सरल और मानवीय व्यक्तित्व के रूप में जानता था।
उद्योग जगत और समाज की प्रतिक्रिया
अग्निवेश अग्रवाल के निधन पर देश-विदेश के कई उद्योगपतियों, कॉर्पोरेट नेताओं, सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
वेदांता समूह के कर्मचारियों और सहयोगी संस्थाओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना जताई।
सामाजिक संकल्प और मानवीय दृष्टिकोण
इस दुखद घड़ी में अनिल अग्रवाल ने यह स्पष्ट किया कि वे और उनका परिवार समाज सेवा के अपने संकल्प से पीछे नहीं हटेंगे।
शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, गरीबी उन्मूलन और रोज़गार सृजन जैसे क्षेत्रों में वेदांता समूह की सामाजिक पहलें पहले की तरह जारी रहेंगी।
परिवार पर गहरा आघात
अग्निवेश अग्रवाल का यूं अचानक चले जाना परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। यह सिर्फ एक उद्योगपति के बेटे का निधन नहीं, बल्कि एक पिता के सपनों, एक परिवार की दुनिया और एक संवेदनशील इंसान के जीवन का असमय अंत है।
वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का निधन अमेरिका में हुए एक निजी हादसे के बाद इलाज के दौरान आए कार्डियक अरेस्ट से हुआ। उनका असमय जाना उद्योग जगत के लिए भी एक भावनात्मक क्षण बन गया है। एक होनहार उद्यमी, संवेदनशील इंसान और आत्मनिर्भर भारत के सपने को जीने वाले व्यक्तित्व का यूं चले जाना एक गहरी क्षति है।




