मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में जनसेना प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात, निष्पक्ष चुनाव को लेकर बड़ा संदेश

रिपोर्ट : विजय तिवारी
नई दिल्ली।
भारत निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों के साथ संवाद और सहभागिता की अपनी निरंतर पहल के तहत Election Commission of India के मुख्यालय Nirvachan Sadan में जनसेना पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण संवाद बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar ने की, जबकि चुनाव आयुक्त Sukhbir Singh Sandhu और Vivek Joshi भी इसमें उपस्थित रहे।
बैठक का उद्देश्य
इस संवाद का मुख्य उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक दलों की शंकाओं, सुझावों और अपेक्षाओं को सुनना तथा चुनावी प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समावेशी बनाने पर विचार-विमर्श करना रहा। निर्वाचन आयोग द्वारा इस तरह की बैठकें समय-समय पर आयोजित की जाती हैं, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
चर्चा के प्रमुख मुद्दे
चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता: मतदाता सूची के अद्यतन, मतदान केंद्रों पर सुविधाओं और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
ईवीएम और वीवीपैट : इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और वीवीपैट प्रणाली को लेकर उठने वाले सवालों, तकनीकी प्रक्रियाओं और भरोसे को और मजबूत करने के उपायों पर संवाद किया गया।
आदर्श आचार संहिता : चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन और सभी दलों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
मतदाता जागरूकता : युवाओं, महिलाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियानों को सशक्त बनाने पर विचार हुआ।
शिकायत निवारण : चुनाव संबंधी शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बेहतर उपयोग पर चर्चा की गई।
निर्वाचन आयोग का रुख
मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया कि आयोग की प्राथमिकता स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के साथ नियमित संवाद से न केवल विश्वास बढ़ता है, बल्कि जमीनी स्तर की समस्याओं को समझने में भी मदद मिलती है। आयोग ने आश्वासन दिया कि बैठक में प्राप्त सुझावों पर नियमों के दायरे में गंभीरता से विचार किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल की प्रतिक्रिया
जनसेना पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग को संवाद का अवसर देने के लिए धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि ऐसे विचार-विमर्श से चुनावी प्रक्रिया और अधिक सुदृढ़ होगी।
निरवाचन सदन में हुई यह बैठक इस बात का संकेत है कि निर्वाचन आयोग सभी राजनीतिक दलों को साथ लेकर लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय है। आयोग और राजनीतिक दलों के बीच यह संवाद आगामी चुनावों को और अधिक विश्वसनीय व पारदर्शी बनाने में सहायक माना जा रहा है।




