कांग्रेस नेता के बयान पर सियासी विवाद, बीजेपी ने जताई कड़ी आपत्ति

रिपोर्ट : विजय तिवारी
देश की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक भावनाओं और राजनीतिक बयानबाज़ी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले के एक बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मामला कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तुलना भगवान राम से किए जाने से जुड़ा है।
नाना पटोले ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कहा कि राहुल गांधी दलितों, वंचितों और कमजोर वर्गों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, और यही कार्य भगवान राम के आदर्शों से जुड़ा हुआ है। उनके इस कथन के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई।
बीजेपी का पलटवार, हिंदू आस्था के अपमान का आरोप
इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा ऐतराज जताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि किसी जीवित राजनीतिक व्यक्ति की तुलना भगवान राम जैसे आराध्य देव से करना हिंदू आस्था का अपमान है। बीजेपी प्रवक्ताओं ने इसे “धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला” बयान बताया और कांग्रेस से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की।
बीजेपी का तर्क है कि भगवान राम करोड़ों लोगों के आराध्य हैं और उन्हें किसी राजनीतिक संदर्भ या तुलना में लाना अनुचित है। पार्टी नेताओं ने कहा कि ऐसे बयान समाज में अनावश्यक तनाव और विभाजन पैदा करते हैं।
कांग्रेस की सफाई, बयान को बताया भावनात्मक संदर्भ
कांग्रेस की ओर से इस विवाद पर सफाई देते हुए कहा गया कि नाना पटोले का बयान किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं था। पार्टी का कहना है कि यह टिप्पणी सामाजिक न्याय और सेवा के भाव को रेखांकित करने के संदर्भ में की गई थी, न कि किसी देवी-देवता से सीधी तुलना के रूप में।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि बीजेपी इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही है, जबकि बयान का आशय समाज के वंचित वर्गों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करना था।
सियासी बयानबाज़ी तेज, बहस जारी
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज हो गई है। एक ओर बीजेपी धार्मिक आस्था के सम्मान की बात कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे सामाजिक सेवा और संवैधानिक मूल्यों से जोड़कर देख रही है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम हैं और यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है।




