बंगाल चुनाव से पहले TMC का बड़ा दांव, ‘10 प्रतिज्ञा’ में पक्का मकान, मुफ्त स्वास्थ्य सेवा, रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर फोकस

रिपोर्ट : विजय तिवारी
पश्चिम बंगाल की सियासत में चुनावी हलचल के बीच तृणमूल कांग्रेस ने अपना विस्तृत घोषणापत्र जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कालीघाट स्थित अपने आवास से इसे जारी करते हुए जनता के सामने विकास और कल्याणकारी योजनाओं का खाका रखा। इस घोषणापत्र को “10 प्रतिज्ञा” के रूप में पेश किया गया है, जिसमें राज्य के हर वर्ग को साधने की कोशिश दिखाई देती है।
घोषणापत्र की सबसे अहम घोषणा “दुआरे चिकित्सा” योजना है। इसके तहत राज्य सरकार बूथ और ब्लॉक स्तर पर नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाएगी, जहां प्राथमिक जांच, दवाइयां और जरूरी इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को अस्पतालों के चक्कर न लगाने पड़ें।
TMC ने वादा किया है कि आने वाले वर्षों में राज्य के सभी कच्चे मकानों को चरणबद्ध तरीके से पक्का बनाया जाएगा। इसके साथ ही “हर घर नल से जल” योजना को तेजी से लागू कर अगले 1–2 वर्षों में हर घर तक पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
यह कदम ग्रामीण जीवन स्तर सुधारने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
घोषणापत्र में शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़े वादे किए गए हैं।
हजारों नए आधुनिक स्कूल खोलने की योजना
पुराने स्कूलों को स्मार्ट क्लास और ई-लर्निंग से लैस करना
शिक्षकों की नई भर्ती प्रक्रिया को तेज करना
ममता बनर्जी ने कहा कि कुछ कानूनी अड़चनों के कारण भर्ती प्रभावित हुई है, लेकिन सरकार बनने पर इसे प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा।
बेरोजगार युवाओं को ध्यान में रखते हुए “युवाश्री” योजना का जिक्र किया गया है। इसके तहत बेरोजगार युवाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि वे नौकरी की तलाश के दौरान अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी कर सकें।
यह योजना पहले से बजट में शामिल की जा चुकी है, जिससे इसके लागू होने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।
महिला वोट बैंक को साधते हुए TMC ने “लक्ष्मी भंडार” योजना को जारी रखने का भरोसा दिया है।
सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह
SC/ST वर्ग की महिलाओं को 1700 रुपये प्रतिमाह
हाल ही में इस योजना की राशि में बढ़ोतरी भी की गई है, जिससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का दावा किया गया है।
घोषणापत्र में राज्य के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए 7 से 10 नए जिले बनाने की घोषणा की गई है।
इसके अलावा नए ब्लॉक और सब-डिवीजन
नई नगर पालिकाएं
इसका उद्देश्य प्रशासन को लोगों के और करीब लाना और सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान बनाना है।
घोषणापत्र जारी करते हुए ममता बनर्जी ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। बिना नाम लिए भाजपा पर आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान माहौल बिगाड़ने और एजेंसियों के जरिए दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह के प्रलोभन या डर से प्रभावित न हों और एकजुट होकर मतदान करें।
इस बार के घोषणापत्र में बड़े स्तर पर नई लोकलुभावन घोषणाओं की बजाय पहले से चल रही योजनाओं को मजबूत करने और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर ज्यादा ध्यान दिया गया है। यह रणनीति “स्थिर विकास” के संदेश को आगे बढ़ाने के तौर पर देखी जा रही है।
तृणमूल कांग्रेस का यह घोषणापत्र स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के संतुलन पर आधारित नजर आता है। अब चुनावी मैदान में यह देखना दिलचस्प होगा कि इन वादों का जनता पर कितना असर पड़ता है और क्या TMC लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी कर पाती है।




