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इंदौर जलकांड पर कांग्रेस को प्रदर्शन की अनुमति देना SDM को पड़ा भारी, देवास SDM आनंद मालवीय सस्पेंड

इंदौर जलकांड पर कांग्रेस को प्रदर्शन की अनुमति देना SDM को पड़ा भारी, देवास SDM आनंद मालवीय सस्पेंड
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देवास | विशेष रिपोर्ट

इंदौर में कथित रूप से दूषित पेयजल आपूर्ति से हुई मौतों के विरोध में कांग्रेस को प्रदर्शन की अनुमति देने वाले देवास के SDM आनंद मालवीय को राज्य सरकार ने सस्पेंड कर दिया है। आदेश जारी होने के कुछ ही घंटों बाद यह कार्रवाई किए जाने से प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, SDM आनंद मालवीय ने 4 जनवरी 2026 को एक आदेश जारी करते हुए उल्लेख किया था कि इंदौर में भाजपा शासित नगर निगम द्वारा सप्लाई किए गए मल-मूत्र युक्त गंदे पानी के सेवन से 14 लोगों की मौत हुई है, जबकि लगभग 2800 लोग उपचाररत हैं। आदेश में यह भी लिखा गया था कि इस गंभीर मामले पर प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा पत्रकारों के प्रश्न के उत्तर में “घंटा” जैसे शब्द का प्रयोग करना अशोभनीय है।

आदेश में आगे कहा गया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशनुसार इस कथित अमानवीय व्यवहार के विरोध में भाजपा सांसदों एवं विधायकों के निवास के सामने “घंटा बजाकर” विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से SDM ने तहसीलदारों, कार्यपालिक दंडाधिकारियों एवं राजस्व अमले की ड्यूटी भी निर्धारित की थी।

हालांकि, आदेश जारी होने के कुछ ही घंटों बाद राज्य शासन ने SDM आनंद मालवीय को निलंबित कर दिया। निलंबन के पीछे आधिकारिक तौर पर कारण प्रशासनिक आचरण और तटस्थता से जुड़ा बताया जा रहा है, हालांकि सरकार की ओर से विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने इसे सत्य लिखने वाले अधिकारी के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई बताया है, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि एक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा आदेश में राजनीतिक भाषा और दल विशेष के निर्देशों का उल्लेख करना सेवा नियमों का उल्लंघन है।

फिलहाल SDM आनंद मालवीय का निलंबन प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है और यह मामला प्रशासनिक निष्पक्षता बनाम राजनीतिक दबाव की बहस को फिर से हवा दे रहा है।

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