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ओडिशा में भ्रष्टाचार पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई: 30 हजार की रिश्वत से खुला 4 करोड़ से अधिक नकदी का भंडार

ओडिशा में भ्रष्टाचार पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई: 30 हजार की रिश्वत से खुला 4 करोड़ से अधिक नकदी का भंडार
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रिपोर्ट : विजय तिवारी

भुवनेश्वर/कटक।

ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए राज्य की सतर्कता एजेंसी Odisha Vigilance ने खनन विभाग के उप निदेशक Debabrata Mohanty को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर एक बड़े वित्तीय अनियमितता के मामले का पर्दाफाश किया है।

मामले की शुरुआत महज 30,000 रुपये की कथित रिश्वत से हुई, लेकिन जांच आगे बढ़ते ही यह कार्रवाई राज्य के इतिहास की सबसे बड़ी नकद बरामदगी में बदल गई।

शिकायत, ट्रैप और रंगे हाथ गिरफ्तारी

आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, कटक सर्कल में तैनात उप निदेशक पर आरोप था कि उन्होंने एक लाइसेंसधारी कोयला विक्रेता से उसके डिपो के सुचारू संचालन और कोयले के परिवहन की अनुमति देने के एवज में 30,000 रुपये की अवैध मांग की।

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने सत्यापन किया और योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप ऑपरेशन अंजाम दिया। आरोपी को कथित तौर पर रिश्वत की रकम स्वीकार करते समय रंगे हाथ पकड़ा गया। पूरी राशि मौके से जब्त की गई और स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में जब्ती प्रक्रिया पूरी की गई।

इस संबंध में भुवनेश्वर विजिलेंस थाना केस संख्या 01, दिनांक 23 फरवरी 2026 दर्ज किया गया है। मामला Prevention of Corruption Act, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत पंजीकृत किया गया है।

समन्वित छापेमारी : तीन स्थानों पर एक साथ तलाशी

गिरफ्तारी के तुरंत बाद विजिलेंस ने संभावित आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) की जांच के दृष्टिकोण से एक साथ तीन स्थानों पर छापेमारी की:

भुवनेश्वर के श्री विहार, पाटिया स्थित आवासीय फ्लैट

भद्रक जिले के मथासाही स्थित पैतृक निवास

कटक स्थित कार्यालय कक्ष

4 करोड़ से अधिक नकद बरामद — रिकॉर्ड जब्ती

भुवनेश्वर स्थित फ्लैट की तलाशी के दौरान ट्रॉली बैगों, अलमारियों और विभिन्न छिपे स्थानों से ₹4 करोड़ से अधिक नकद बरामद किए गए। नोटों की गड्डियां बड़े पैमाने पर पैक कर रखी गई थीं।

अधिकारियों के अनुसार, यह ओडिशा विजिलेंस द्वारा अब तक की सबसे बड़ी नकद जब्ती है। इससे पहले 7 अप्रैल 2022 को गंजाम जिले में लघु सिंचाई विभाग के एक सहायक अभियंता के आवास से ₹3.4 करोड़ की बरामदगी हुई थी।

नकदी की गिनती और सत्यापन की प्रक्रिया जारी है ताकि अंतिम राशि का सटीक आंकड़ा निर्धारित किया जा सके।

अन्य बरामद संपत्तियां

तलाशी के दौरान निम्नलिखित संपत्तियों का भी पता चला:

कार्यालय के दराज से लगभग ₹1.20 लाख नकद

भुवनेश्वर के पाहला क्षेत्र में लगभग 2,400 वर्ग फीट का दो-मंजिला आलीशान मकान

लगभग 130 ग्राम सोने के आभूषण

इन सभी संपत्तियों का मूल्यांकन किया जा रहा है और आय के ज्ञात स्रोतों से उनकी तुलना की जाएगी।

विस्तृत वित्तीय जांच शुरू

विजिलेंस विभाग अब व्यापक वित्तीय विश्लेषण कर रहा है, जिसमें शामिल हैं:

बैंक खातों और निवेशों की जांच

संपत्ति खरीद से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल

नकद संचयन के स्रोत की पहचान

संभावित बेनामी लेनदेन की जांच

अधिकारियों का कहना है कि यदि आय से अधिक संपत्ति की पुष्टि होती है, तो संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय

यह मामला इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि एक अपेक्षाकृत छोटी रिश्वत की शिकायत ने करोड़ों रुपये की संदिग्ध नकदी और संपत्तियों का खुलासा कर दिया। इससे यह संकेत मिलता है कि सतर्कता तंत्र छोटे संकेतों से भी बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की क्षमता रखता है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्रवाई प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि बरामद संपत्ति आरोपी की वैध आय से कितनी अधिक है।

ओडिशा में यह प्रकरण न केवल राज्य स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी भ्रष्टाचार निरोधक तंत्र की सक्रियता और सख्ती का उदाहरण बनकर उभरा है।

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