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आंगनवाड़ी कर्मियों के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, पदोन्नति और भर्ती व्यवस्था को मिली नई दिशा

आंगनवाड़ी कर्मियों के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, पदोन्नति और भर्ती व्यवस्था को मिली नई दिशा
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रिपोर्ट : विजय तिवारी

चंडीगढ़।

हरियाणा में महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े लाखों आंगनवाड़ी कर्मियों के हित में राज्य सरकार ने एक अहम और दूरगामी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं, घोषणाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस

बैठक में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सुपरवाइजर पदों से जुड़े मामलों पर विशेष फोकस रहा।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने कम से कम 10 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है और जो सुपरवाइजर पद के लिए तय शैक्षणिक व अन्य पात्रता मानकों को पूरा करती हैं, उन्हें पदोन्नति का अवसर प्रदान किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि अब सुपरवाइजर पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को संतुलित और पारदर्शी बनाया जाएगा।

निर्णय के अनुसार, सुपरवाइजर के कुल पदों में से 50 प्रतिशत पद अनुभवी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पदोन्नति से भरे जाएंगे, जबकि शेष 50 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्तियां की जाएंगी। इससे एक ओर जहां लंबे समय से सेवा दे रही कार्यकर्ताओं को उनके अनुभव का लाभ मिलेगा, वहीं दूसरी ओर नई प्रतिभाओं को भी विभाग में आने का अवसर मिलेगा।

बैठक में यह भी कहा गया कि पदोन्नति और सीधी भर्ती दोनों प्रक्रियाओं को नियमों के तहत, समयबद्ध और पूरी तरह पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि किसी भी स्तर पर भेदभाव या देरी की शिकायत न हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योग्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सूची तैयार कर पात्रता की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस फैसले से न केवल आंगनवाड़ी कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली में भी मजबूती आएगी। सुपरवाइजर पदों पर अनुभवी कार्यकर्ताओं के आने से आंगनवाड़ी केंद्रों की निगरानी, पोषण योजनाओं के क्रियान्वयन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।

मिली जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार का यह कदम जमीनी स्तर पर काम कर रही महिलाओं को सशक्त बनाने और उनके करियर में स्थायित्व व प्रगति सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनुभव और नई ऊर्जा—दोनों का संतुलन बनाकर महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

हरियाणा सरकार का यह निर्णय आंगनवाड़ी व्यवस्था को मजबूत करने, कर्मियों को सम्मानजनक अवसर देने और विभागीय ढांचे को दीर्घकालिक रूप से सुदृढ़ करने की दिशा में एक ठोस और सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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