चुनाव से पहले वोटर बनने का अंतिम मौका

लखनऊ : भारत निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची में जिनका नाम नहीं है उनके पास मौका है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा मतदाता सूची का पुनरीक्षण 15 सितंबर से शुरू हो रहा है। 31 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के दौरान चार दिन विशेष अभियान भी चलाया जाएगा जिसमें निकटतम पोलिंग बूथ पर जाकर नाम दर्ज करा सकते हैं।
विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेविल एजेंटो एवं मतदान केंद्र के अंतर्गत पड़ने वाले ग्राम स्तरीय कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी वर्कर आशा, एएनएम, किसान सेवक, ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी तथा लेखपालों को निर्देश दिए हैं कि अपने निर्धारित मतदान स्थलों पर उपस्थित रहकर सहयोग करेंगे। आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवंटित मतदान केंद्रों का प्रभावी पर्यवेक्षण करते हुए कर्मचारियों की उपस्थित सुनिश्चित कराएंगे तथा विस्तृत रिपोर्ट निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के माध्यम से जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजेंगे।
युवा वोटरों को भी मौका : जो वोटर एक जनवरी 2017 को 18 वर्ष के पूरे हो रहे हैं वह भी आवेदन कर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकते हैं। आयोग ने इस बार अधिक से अधिक युवा मतदाताओं को जोड़ने के लिए कॉलेज स्तर पर भी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
दो जनवरी को आखिरी प्रकाशन : विधानसभा चुनावों के लिए वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन दो जनवरी को किया जाएगा। दावे और आपत्तियां 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक कर सकते हैं।
कॉल सेंटर पर करें फोन : अगर आपको पुनरीक्षण अभियान के दौरान किसी तरह की दिक्कत हो रही तो आयोग की हेल्प लाइन नंबर 1800-180-1950 पर फोन कर सकते हैं।
मतदाता सूची में अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने के लिए प्रदेश निर्वाचन कार्यालय की ओर से इस बार स्कूल और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसका आगाज लखनऊ विश्वविद्यालय से किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी टी. वेंकटेश 15 सितंबर को विवि से ही पुनरीक्षण अभियान का आगाज करेंगे। इस कार्यक्रम के जरिए ही निर्वाचन कार्यालय युवाओं को जोड़ने की शुरुआत करेगा। दरअसल पिछले कई पुनरीक्षण अभियान के दौरान नए मतदाताओं का रुझान बहुत उत्साहवर्धक नहीं रहा है। इसी से सबक लेते हुए निर्वाचन कार्यालय शहर के स्कूल और कॉलेजों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित कर रहा है जिसमें युवाओं को वोटर में तब्दील किया जा सके। विधानसभा चुनावों से पहले निर्वाचन आयोग का यह अंतिम पुनरीक्षण अभियान है।