अनैतिक देह व्यापार मामले में, दूसरे स्थान पर है CM योगी का गढ़ गोरखपुर

लखनऊ: गोरखपुर क्षेत्र सीएम आदित्यनाथ योगी का गृह जनपद और संसदीय क्षेत्र होने के साथ-साथ उनका कार्यक्षेत्र भी रहा है, शायद यही कारण रहा कि पिछले साल सत्तापलट होने के बाद यूपी के संस्कृति विभाग के नौकरशाहों ने अपना गिरगिट रंग दिखाते हुए अखिलेश यादव के सैफई महोत्सव की तरफ खुलने वाले सरकारी खजाने का मुहाना बंद किया। उन्होंने गोरखपुर महोत्सव की तरफ एक नया मुहाना खोलकर योगी के लिए गोरखपुर का महत्व प्रत्यक्ष रूप से सारे संसार को बता दिया। अब सीएम योगी आदित्यनाथ का यही गोरखपुर अनैतिक देह व्यापार को लेकर चर्चा में आ रहा है।
लखनऊ निवासी आरटीआई कंसल्टैंट और इंजीनियर संजय शर्मा की एक आरटीआई पर राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो से आए जवाब से खुलासा हुआ है कि यूपी के 9 मंडलों में अनैतिक देह व्यापार के अभियुक्तों की संख्या के मामले में गोरखपुर मंडल आगरा मंडल के बाद दूसरे स्थान पर है। लोकजीवन में पारदर्शिता, जवाबदेही और मानवाधिकार संरक्षण के लिए काम कर रहे देश के नामचीन कार्यकर्त्ताओं में शुमार होने वाले संजय शर्मा ने गत 14 सितम्बर को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव के कार्यालय में साल 2012 से 2017 तक की अवधि में पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए अपराधियों और पुलिस कर्मियों की संख्या की सूचना मांगी थी।
मुख्य सचिव कार्यालय ने संजय की अर्जी शासन के गृह विभाग को अंतरित की जहां से यह अर्जी पुन: अंतरित होकर लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय के पुलिस अधीक्षक (अपराध) के कार्यालय में पहुंची। इस आरटीआई अर्जी पर राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो के जन सूचना अधिकारी ने जो सूचना दी है वह चौंकाने वाली है।
संजय शर्मा को बताया गया है कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार साल 2017 के सितम्बर महीने की 30 तारीख तक के 9 महीनों में यूपी के 9 मंडलों में अनैतिक देह व्यापार के अपराधों में सर्वाधिक 48 अभियुक्त आगरा मंडल, दूसरे नम्बर पर 36 अभियुक्त गोरखपुर मंडल, तीसरे नम्बर पर 29 अभियुक्त लखनऊ मंडल, चौथे नम्बर पर 26 अभियुक्त बरेली मंडल, 5वें नंबर पर 24-24 अभियुक्त मेरठ और वाराणसी मंडल और छठे नंबर पर 16 अभियुक्त इलाहाबाद मंडल के रहे तो वहीं इस अपराध के पंजीकृत अभियोगों में सर्वाधिक 9 मामले आगरा मंडल, दूसरे नम्बर पर 8-8 मामले बरेली और मेरठ मंडल, तीसरे नम्बर पर 7 मामले लखनऊ मंडल, चौथे नम्बर पर 6 मामले गोरखपुर मंडल, 5वें नंबर पर 4 मामले वाराणसी मंडल और छठे नंबर पर 3 मामले इलाहाबाद मंडल के थे।