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4 फीसदी राजपूत 'पद्मावत' पर लड़ रहे हैं, क्या 14 फीसदी मुसलमान शरीयत के लिए नहीं लड़ सकते?
BY Anonymous23 Jan 2018 10:01 AM GMT

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Anonymous23 Jan 2018 10:01 AM GMT
ऑल इंडिया मजलिस ए इतेहादुल मुसलिमीन के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम समुदाय को ललकारते हुए अपनी संस्कृति को बचाने के लिए राजपूतों से सीख लेने की नसीहत दी है। ओवैसी ने कहा कि जब 4 फीसदी राजपूत एकजुट होकर पद्मावत रिलीज के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर सकते हैं तो 14 फीसदी मुसलमान शरीयत कानून को बचाने के लिए क्यों नहीं एकजुट हो सकते हैं? न्यूज 18 के मुताबिक ओवैसी ने कहा, "जब फिल्म में रानी पद्मावती पर कुछ गलत दिखाया गया तो 4 फीसदी राजपूत फिल्म के खिलाफ उठ खड़े हुए और कहने लगे थिएटर जला दूंगा, एक्टर की नाक काट लूंगा, फिल्म डायरेक्टर का सिर धड़ से अलग कर दूंगा लेकिन सिनेमा रिलीज होने नहीं दूंगा। वे लोग मात्र चार फीसदी हैं लेकिन उन्होंने अपनी आवाज सही तरीके से सभी जगह पहुंचा दी मगर हमलोग असहाय बने हुए हैं।"
इतना ही नहीं ओवैसी ने कहा कि राजपूतों ने मुसलमानों को आइना दिखा दिया है। उन्होंने कहा कि अभी भी उनका संघर्ष जारी है। वो फिल्म रिलीज नहीं होने देने के लिए संघर्ष कर रहे हैं लेकिन शरीयत को बचाने के लिए हमलोग क्या कर रहे हैं? बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (23 जनवरी) को भी फिल्म का विरोध करने वालों के झटका देते हुए सभी राज्य सरकारों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। फिल्म 25 जनवरी को रिलीज होगी। कोर्ट ने कहा कि लोगों को यह समझ लेना चाहिए कि टॉप कोर्ट का यह आदेश अनुपालन के लिए है।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई में बेंच ने राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार की उस याचिका को ठुकरा दिया जिसमें 18 जनवरी के फैसले में सुधार करने की अपील की गई थी। दोनों राज्यों ने फिल्म के प्रदर्शन की वजह से कानून-व्यवस्था बिगड़ने की बात कही थी लेकिन अदालत ने उनकी कोई दलील नहीं मानी। कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था कायम करना राज्यों की जिम्मेदारी है। बता दें कि सेंसर बोर्ड से पास होने के बावजूद चार राज्यों ने इस फिल्म को प्रदर्शित न करने का फैसला किया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने पिछले फैसले में राज्य सरकारों द्वारा लगाई गई रोक को हटाते हुए फिल्म को पूरे देश में रिलीज करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही पद्मावत फिल्म की देशभर में रिलीज को हरी झंडी दे चुका है।
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