ओपी सिंह ही होंगे यूपी के डीजीपी, मंगलवार तक संभाल सकते हैं कमान
BY Anonymous21 Jan 2018 2:08 AM GMT

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Anonymous21 Jan 2018 2:08 AM GMT
लखनऊ : 20 दिन की कश्मकश के बाद अब यह तय हो गया है कि 1983 बैच के आईपीएस ओपी सिंह ही प्रदेश के अगले डीजीपी होंगे। वे सोमवार या मंगलवार तक कमान संभाल सकते हैं। हालांकि वे अभी भी केंद्र से कार्यमुक्त नहीं हुए हैं। माना जा रहा है कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के डीजी का फैसला होते ही उन्हें कार्यमुक्त कर दिया जाएगा।
सूत्रों का दावा है कि ओपी सिंह को डीजीपी बनाए जाने को लेकर प्रदेश और केंद्र सरकार में कुछ मतभेद थे, जो अब दूर हो गए हैं। प्रदेश सरकार ने ओपी सिंह को रिलीव करने के लिए रिमाइंडर भेजा तो शीर्ष नेताओं के बीच बातचीत के बाद उन्हें डीजीपी बनाए जाने पर सहमति बन गई।
ओपी सिंह का नाम घोषित करने के 20 दिन बाद अगर राज्य सरकार किसी और को डीजीपी बनाती तो इससे जनता में केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव का सीधा संदेश जाता। इसे देखते प्रदेश सरकार ने ओपी सिंह को रिलीव करने के लिए केंद्र को रिमाइंडर भेजा। भाजपा के शीर्ष नेताओं के बीच हुई बातचीत के बाद ओपी सिंह को ही डीजीपी बनाए जाने पर सहमति बन गई।
हालांकि प्रदेश के अधिकारियों को केंद्र से हुए पत्राचार के जवाब का अभी इंतजार है। केंद्र से अब तक ओपी सिंह को कार्यमुक्त करने का आदेश नहीं मिला है। सीआईएसएफ के सूत्रों का भी कहना है कि वहां भी शनिवार को दिन भर ओपी सिंह को कार्यमुक्त करने के आदेश का इंतजार होता रहा, लेकिन आदेश नहीं पहुंचा।
अब सिर्फ कागजी खानापूरी बाकी है, जिसके बाद उन्हें केंद्र से कार्यमुक्त कर दिया जाएगा। ओपी सिंह 26 सितंबर 2016 को सीआईएसएफ के डीजी बने थे। राज्य सरकार ने उन्हें डीजीपी बनाने का फैसला उनके लंबे अनुभव के साथ ही लंबे कार्यकाल की वजह से किया है। वे जनवरी 2020 में सेवानिवृत्त होंगे।
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