पाकिस्तान को भारत की चिट्ठी, आतंकवाद और पीओके पर होगी बात

अपने रुख पर कायम भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को चिट्ठी लिखकर कहा है कि बात होगी तो सिर्फ आतंकवाद और पीओके पर होगी। पाकिस्तान ने बीते पंद्रह अगस्त को भारत को अपनी दुस्साहस पूर्ण चिट्टी भेजी थी, जिसमें कहा गया था कि वह जम्मू-कश्मीर और वहां के हालात को लेकर भारत से बातचीत के लिए तैयार है। इस पर भारत ने पाक को कड़ा जवाब दिया था। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि पाक से बात होगी तो सिर्फ आतंकवाद पर लगाम लगाने और पीओके पर होगी।
भारत से भेजी गई चिट्ठी विदेश सचिव जयशंकर के पाकिस्तानी समकक्ष ऐजाज अहमद चौधरी को बुधवार रात को मिली। पाकिस्तान को भेजी गई चिट्ठी में वही शर्तें रखी गई हैं, जो 19 अगस्त को रखी गई थीं। इसमें कहा गया है कि भारत अपने रुख पर कायम है, भारत और पाकिस्तान के बीच विदेश सचिव स्तर की बात होगी और मुद्दा पाकिस्तान नहीं, बल्कि भारत तय करेगा।
कब खत्म होगा पाक का दुस्साहस?
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ मजबूर करना आसान नहीं होगा, क्योंकि पाक समर्थित आतंकवाद की कहानी छिपी नहीं है। कश्मीर में भी पाकिस्तान के घुसपैठियों की कमी नहीं है।
समस्या का हल निकले इसलिए भारत ने यह जानते हुए चीन से दोस्ती का हाथ बढ़ाया कि उसने एनएसजी के लिए भारत का समर्थन नहीं किया था।
महीने भर पहले चीन के विदेश मंत्री वांग यी भारत आए थे, उनसे विदेश सचिव एस जयशंकर ने कई मुद्दों पर बात की थी, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी मौलाना मसूद अजहर के बारे में भी बात हुई थी। भारत ने यह भी बताया था कि मसूद को अमेरिका ने आतंकी घोषित किया है।




