बैन लगने के बाद नरसिंह यादव रो पड़े- कहा, मेरा सपना छीन लिया
BY Suryakant Pathak19 Aug 2016 10:07 AM GMT

X
Suryakant Pathak19 Aug 2016 10:07 AM GMT
भारतीय पहलवान नरसिंह यादव पर ब्राजील की कोर्ट ऑफ ऑर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स (कैस) ने डोपिंग की वजह से चार साल का बैन लगा दिया है। इस बैन के बाद नरसिंह यादव रियो ओलंपिक से बाहर हो गए हैं।नरसिंह ने अपने ऊपर बैन लगाने के मुद्दे पर कहा कि वो बहुत ही निराश और आहत हैं। एक उम्मीद की किरण थी जो बुझ चुकी है। उन्होंने कहा कि कैस के फैसले ने मेरा सपना छीन लिया है। इस बीच रियो ओलंपिक गांव आज ही छोड़ने के आदेश दिए गए हैं।
आज नरसिंह यादव का मुकाबला होना था मगर अब ये मुकाबला नहीं होगा। नरसिंह के उपर लिए गए फैसले पर कैस में चार घंटे की लंबी बहस हुई थी। वहीं WFI के अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। नरसिंह को क्लीनचिट मिल चुकी थी, लिहाजा अचानक से प्रतिबंध लगाने का कोई मतलब नहीं है। ब्रजभूषण सिंह ने कहा कि कैस के फैसले के बाद वो बहुत देर तक रोते रहे और बात करने की स्थिति में नहीं थे।
गौरतलब है कि वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) ने नरसिंह यादव को क्लीनचिट दिए जाने के फैसले पर नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) के खिलाफ अपील की थी। इस अपील पर सुनवाई होने के बाद उन पर चार वर्ष का बैन लगा दिया गया।
क्लीनचिट मिलने के बाद लगा नरसिंह पर बैन
इससे पहले गुरुवार को खेल पंचाट ने नरसिंह को ओलंपिक में खेलने की इजाजत दे दी थी। इसके बाद वो आज 74 किलोग्राम फ्री स्टाइल वजन वर्ग में अपना पहला मुकाबला खेलने वाले थे। खेल पंचाट ने वाडा की उनके खिलाफ डोपिंग की अपील को खारिज कर दिया था।
नरसिंह के खिलाफ षड़यंत्र
नरसिंह यादव की मां ने कहा कि उन्हें अपने दुख को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं हैं। उनका बेटा साजिश का शिकार हुआ है। नरसिंह की बहन ने कहा कि वो मोदी जी से अपील करती हैं कि नरसिंह पर से बैन हटाने के लिए प्रयास करें, उनका भाई स्वर्ण पदक जीत कर ही भारत आता है।
Next Story




