मोदी सरकार का एक और कमाल, POK के शरणार्थियों को हरसंभव मदद
BY Suryakant Pathak16 Aug 2016 1:04 PM GMT

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Suryakant Pathak16 Aug 2016 1:04 PM GMT
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 70वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीओके और बलूचिस्तान को लेकर दिए गए बयान के बाद गृह मंत्रालय तुरंत हरकत में आ गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय इस बाबत प्रस्ताव तैयार कर रहा है। इस प्रस्ताव को जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल की होने वाली बैठक में लाया जा सकता है।
प्रस्ताव के मुताबिक पीओके के रिफ्यूजी लोगों को लाकर जम्मू-कश्मीर में बसाया जाएगा। इस प्रस्ताव के लिए 2000 करोड़ रूपए का फंड सरकार रिलीज कर सकती है।
केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सरकार कश्मीर के लोगों के लिए फंड जारी करने के अलावा पीओके में अत्याचार सह रहे परिवारों के लिए फंड जारी कर सकता है। पीओके में पाकिस्तान सरकार के अत्याचार की वजह से कई परिवारों को दिक्कतों को सामना उठाना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मोदी सरकार की तरफ से की गई घोषणा का असर 36000 परिवारों पर पड़ेगा। यह परिवार वर्ष 1947, 1965 और 1971 में जम्मू-कश्मीर से पीओके चले गए थे।
कश्मीर को लेकर सभी पार्टियों के साथ हुई बैठक में भी पीएम मोदी ने विदेश मंत्रालय को आदेश दिए हैं कि पीओके, गिलगिट और बलूचिस्तान के लोगों में संपर्क में रहें और वहां पर पाकिस्तान की तरह से किए जा रहे मानवाधिकार उल्लघंन में उसकी भूमिका को उजागर करें।
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