दिल्ली में बंगले के लिए राबड़ी-मीसा को राज्यसभा भेजेंगे लालू?
नई दिल्ली। बिहार चुनाव में जीत के बाद अपने दोनों बेटों को मंत्री बनवा चुके राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव अब पत्नी राबड़ी और बेटी मीसा भारती को राज्यसभा भेजने की जुगत में लग गए है। बिहार में अगले साल राज्यसभा के लिए चुनाव होने है और लालू की कोशिश है कि वह इसमें अपनी पत्नी और बेटी को राज्यसभा भेज सकें।
सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव में 80 सीटें हासिल करने वाली आरजेडी दो और वोट के जरिए इन दोनों का चयन आसानी से करवा सकती है। चुनाव जीतने के लिए हर उम्मीदवार को 41 वोटों की जरूरत होती है।
जेडीयू सांसदों के रिटायर होने पर जुलाई 2016 में राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो जाएंगी। आरजेडी के सूत्रों का कहना है कि 'लालू ने अक्सर कहा है कि वह राष्ट्रीय स्तर पर और नीतीश कुमार राज्य स्तर पर काम करेंगे। राबड़ी और मीसा का नामांकन राजधानी में घर पाने के लिए उनका पहला कदम होगा।' साथ ही तीन बार मुख्यमंत्री रही राबड़ी देवी को सांसद के तौर पर बड़ा घर मिलने की भी संभावना है।
फिलहाल लालू यादव जब भी दिल्ली आते हैं तो वह आरजेडी सांसद प्रेम चंद गुप्ता के फार्म हाउस या उनके सरकारी निवास पर रहते हैं। अस्थायी रूप से लालू ने दक्षिण भारतीय सांसद के बंगले में रहने का भी इंतजाम किया हुआ है। हालांकि यह बंगला उस बंगले के मुकाबले काफी छोटा है जिसमें रेल मंत्री बनने के बाद लालू प्रसाद रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव में 80 सीटें हासिल करने वाली आरजेडी दो और वोट के जरिए इन दोनों का चयन आसानी से करवा सकती है। चुनाव जीतने के लिए हर उम्मीदवार को 41 वोटों की जरूरत होती है।
जेडीयू सांसदों के रिटायर होने पर जुलाई 2016 में राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो जाएंगी। आरजेडी के सूत्रों का कहना है कि 'लालू ने अक्सर कहा है कि वह राष्ट्रीय स्तर पर और नीतीश कुमार राज्य स्तर पर काम करेंगे। राबड़ी और मीसा का नामांकन राजधानी में घर पाने के लिए उनका पहला कदम होगा।' साथ ही तीन बार मुख्यमंत्री रही राबड़ी देवी को सांसद के तौर पर बड़ा घर मिलने की भी संभावना है।
फिलहाल लालू यादव जब भी दिल्ली आते हैं तो वह आरजेडी सांसद प्रेम चंद गुप्ता के फार्म हाउस या उनके सरकारी निवास पर रहते हैं। अस्थायी रूप से लालू ने दक्षिण भारतीय सांसद के बंगले में रहने का भी इंतजाम किया हुआ है। हालांकि यह बंगला उस बंगले के मुकाबले काफी छोटा है जिसमें रेल मंत्री बनने के बाद लालू प्रसाद रहे थे।
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