केंद्र-प्रदेश सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरी कांग्रेस, बड़े नेता भी हुए शामिल
वाराणसी. केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ सोमवार को कांग्रेस ने पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में हुंकार भरी। पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर कांग्रेस ने 'सद्भाव बढ़ाओ आभाव मिटाओ' पदयात्रा निकाली। प्रदेश और केंद्र स्तर के बड़े नेताओं की अगुवाई में निकली इस पदयात्रा में केंद्र और प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का आगाज किया गया। यह पदयात्रा नदेसर के कटिंग मेमोरियल ग्राउंड से शुरू होकर मैदागिन के टाउन हॉल मैदान पहुंच कर खत्म हुई।
पदयात्रा से कांग्रेस ने पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में अपनी पूरी ताकत दिखाने की कोशिश की। वाराणसी क्षेत्र के सभी जिलों से आए पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ही इसमें कई बड़े नेता शामिल थे। इनमें यूपी अध्यक्ष निर्मल खत्री, राष्ट्रीय महासचिव मधुसूदन मिस्त्री, राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी शामिल थीं।
आज ही के दिन हुई थी कांग्रेस की स्थापना
बताते चलें कि 28 दिसंबर 1885 में देश की आजादी के लिए कांग्रेस की स्थापना हुई थी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह पदयात्रा केंद्र और प्रदेश की जनविरोधी सरकारों से जनता को आज़ाद कराने की लड़ाई की शुरुआत है। इसके पहले सेवादल द्वारा आयोजित झंडारोहण कार्यक्रम में निर्मल खत्री ने झंडारोहण कर सभी को पार्टी और देश के लिए समर्पित रहने का संकल्प दिलाया।
केंद्र सरकार पर साधा निशाना
पदयात्रा की शुरुआत से पहले शहर के कटिंग मेमोरियल ग्राउंड में एक छोटी जनसभा भी हुई। इसमें प्रमोद तिवारी ने केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर देश की जनता को धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है और देश की आम जनता इसकी नीतियों की वजह से परेशान है। इस आंदोलन और पदयात्रा में कांग्रेस ने वाराणसी से पार्टी विधायक अजय राय को झूठे मामले में फंसा कर गिरफ्तार करने और उनपर रासुका लगाए जाने का मुद्दा भी उठाया।
चुनाव की तैयारी तक नहीं सीमित है यह आंदोलन
मधुसूदन मिस्त्री ने कहा कि यह आंदोलन साल 2017 के प्रदेश चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनावों की तैयारी तक ही सीमित नहीं है। यह आंदोलन देश में सद्भाव बढ़ाने और आभाव मिटाने के लिए जनता के हक की लड़ाई है, जो कांग्रेस लड़ रही है। इसमें हजारों कार्यकर्त्ता अपनी पार्टी का झंडा लहराते और केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां लेकर चल रहे थे।
पदयात्रा से कांग्रेस ने पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में अपनी पूरी ताकत दिखाने की कोशिश की। वाराणसी क्षेत्र के सभी जिलों से आए पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ही इसमें कई बड़े नेता शामिल थे। इनमें यूपी अध्यक्ष निर्मल खत्री, राष्ट्रीय महासचिव मधुसूदन मिस्त्री, राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी शामिल थीं।
आज ही के दिन हुई थी कांग्रेस की स्थापना
बताते चलें कि 28 दिसंबर 1885 में देश की आजादी के लिए कांग्रेस की स्थापना हुई थी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह पदयात्रा केंद्र और प्रदेश की जनविरोधी सरकारों से जनता को आज़ाद कराने की लड़ाई की शुरुआत है। इसके पहले सेवादल द्वारा आयोजित झंडारोहण कार्यक्रम में निर्मल खत्री ने झंडारोहण कर सभी को पार्टी और देश के लिए समर्पित रहने का संकल्प दिलाया।
केंद्र सरकार पर साधा निशाना
पदयात्रा की शुरुआत से पहले शहर के कटिंग मेमोरियल ग्राउंड में एक छोटी जनसभा भी हुई। इसमें प्रमोद तिवारी ने केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर देश की जनता को धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है और देश की आम जनता इसकी नीतियों की वजह से परेशान है। इस आंदोलन और पदयात्रा में कांग्रेस ने वाराणसी से पार्टी विधायक अजय राय को झूठे मामले में फंसा कर गिरफ्तार करने और उनपर रासुका लगाए जाने का मुद्दा भी उठाया।
चुनाव की तैयारी तक नहीं सीमित है यह आंदोलन
मधुसूदन मिस्त्री ने कहा कि यह आंदोलन साल 2017 के प्रदेश चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनावों की तैयारी तक ही सीमित नहीं है। यह आंदोलन देश में सद्भाव बढ़ाने और आभाव मिटाने के लिए जनता के हक की लड़ाई है, जो कांग्रेस लड़ रही है। इसमें हजारों कार्यकर्त्ता अपनी पार्टी का झंडा लहराते और केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां लेकर चल रहे थे।
Next Story




