Janta Ki Awaz
राष्ट्रीय

निशाने पर गुलाम नबी आजाद, विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव ला सकते हैं स्वामी

राज्यसभा में सांसद पद की शपथ लेने के तीन के अंदर ही सुब्रमण्यम स्वामी ने बवाल मचा दिया है. यहां तक की अगस्ता वेस्टलैंड डील और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अल्पसंख्यक दर्जे पर हो रही बहस के दौरान उनकी टिप्पणियों को राज्यसभा की कार्रवाई से हटा दिया गया है. तेज-तर्रार स्वामी पीछे हटने को तैयार नही हैं. अब उन्होंने फैसला किया है कि उनकी भाषण को राज्यसभा से हटाने के निर्णय को चुनौती देंगे.
इतना ही नहीं स्वामी ने ट्वीट कर कहा है कि वह राज्यसभा में कांग्रेस के विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का भी प्रस्ताव लाने वाले हैं. स्वामी ने कहा कि गुलाम नबी आजाद ने सदन को गलत जानकारी दी है कि कांग्रेस सरकार ने अगस्ता-वेस्टलैंड की कंपनी फिनमकैका को ब्लैकलिस्ट में डाला था.
गौरतलब है कि स्वामी के भाषणों को बार राज्यसभा की कार्रवाई से हटाने पर गुलाम नबी आजाद ने सदन में कहा था कि 'अभी तो स्वामी जी को आए सिर्फ दो दिन ही हुए हैं. साल में 365 दिन होते हैं आप कितने बार इनके भाषणों को हटाएंगे'.
इतना ही नहीं गुलाम नबी आजाद ने यह भी कहा कि स्वामी जी सड़क और सदन की भाषा का फर्क नहीं समझते हैं. जाहिर है कि गुलाम नबी आजाद के इन बातों से स्वामी को गुस्सा जरूर आया होगा. अब वह सबकुछ छोड़ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं.
Next Story
Share it