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राष्ट्रीय

कन्हैया की पेशी : जेएनयू के छात्रों और पत्रकारों पर कोर्ट में हमला

नई दिल्ली: जेएनयू में देश विरोधी नारेबाजी का विवाद शांत होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के दौरान आज वकीलों और जेएनयू छात्रों के बीच जमकर हाथापाई हुई। वकीलों के एक समूह ने जेएनयू के छात्रों और पत्रकारों पर हमला किया और उन्हें धमकी भी दी। एनडीटीवी की पत्रकार सोनल मेहरोत्रा के साथ भी कोर्ट के अंदर बदसलूकी हुई। जब यह सब हो रहा था तो पुलिसवाले वहीं खड़े थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।

सोनल ने बताया कि हमला करने वाले वकील पूछ रहे थे कि आप जेएनयू से हैं? वे लोगों को पकड़ रहे थे, जिन्हें जेएनयू से समझ रहे थे उन्हें अकारण ही पीट रहे थे। वकीलों का यह समूह 'भारत माता की जय और जेएनयू मुर्दाबाद' के नारे लगा रहा था।
उधर, इस मामले में पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में जेएनयू के छात्रों ने आज हड़ताल बुलाई है। कन्हैया की रिहाई तक यह हड़ताल जारी रहेगी। इससे पहले रविवार को भी वामपंथी छात्र संगठनों और शिक्षक संघ ने मानव शृंखला बनाकर अपना विरोध जताया था। इस बीच देश विरोधी नारेबाजी करने वाले पांच और छात्रों की तलाश जारी है।

शिक्षकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया
उधर, जेएनयू के शिक्षकों ने पुलिसिया कार्रवाई का विरोध जारी रखते हुए इसे संस्थान की स्वायत्तता का हनन बताया और कहा कि हालात इमरजेंसी की याद दिला रहे हैं।

मामले पर स्टाफ भी बंटा हुआ दिख रहा है
इस बीच जेएनयू में देशद्रोह के नारे लगाने के आरोप पर विश्वविद्यालय का स्टाफ बंटा हुआ दिख रहा है। जहां कुछ शिक्षक पुलिस कार्रवाई के समर्थन में हैं वहीं कई इस कार्रवाई की कड़ी निंदा कर रहे हैं। जेएनयू के कई शिक्षकों का मानना है कि पिछले कुछ समय से जानबूझ कर विश्वविद्यालय को देश विरोधी दिखाने की साज़िश हो रही है।

22 फरवरी तक रिपोर्ट वाइस चांसलर को सौंपनी है
उधर, मामले की जांच में लगी जेएनयू की विशेष जांच कमेटी ने पूरी घटना की वीडियो फुटेज के आधार पर कई चश्मदीदों के बयान लिए हैं। 7 छात्रों को कमेटी के सामने पेश होने के लिए नोटिस जारी किया गया है। जांच पूरी होने तक ये छात्र क्लास अटेंड नहीं कर पाएंगे। कमेटी को 22 फरवरी तक अपनी रिपोर्ट वाइस चांसलर को सौंपनी है। मामले की जांच कर रही स्थानीय पुलिस ने इस केस को आतंकी मामलों की जानकार एजेंसी को सौंपने का आग्रह किया है।

40 सेंट्रल यूनिवर्सिटीज के शिक्षक प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में आए
देश की 40 सेंट्रल यूनिवर्सिटीज़ के शिक्षक संघ जेएनयू के प्रदर्शनकारी छात्रों और शिक्षकों के समर्थन में उतर गए हैं। फेडेरेशन ऑफ़ सेंट्रल यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नंदिता नारायण ने कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर छात्रों के खिलाफ इस तरह की पुलिस कार्रवाई गैर-जरूरी है। जेएनयू हमेशा से अच्छाई के लिए खड़ा रहा है। आज उनके साथ खड़ा होने की ज़रूरत है। वहीं पुणे FTII के छात्रों ने कहा, जो लोग सरकार की विचारधारा का विरोध करने का साहस करते हैं, सरकार उन्हें इसी तरह डराती और तंग करती है।
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