पठानकोट आतंकी हमला : मसूद अजहर ही था आतंकियों का मास्टर माइन्ड
नई दिल्ली: भारतीय खुफिया एजेंसियों ने हालिया पठानकोट हमले के पीछे के ‘आकाओं’ के रूप में आईसी 814 विमान अपहरण मामले के साजिशकर्ता और पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद प्रमुख मौलाना मसूद अजहर और उनके भाई अब्दुल रउफ असगर सहित चार लोगों की पहचान की है। शीर्ष सरकारी सूत्रों ने आज कहा कि इसके अलावा, यहां एजेंसियों ने यह सबूत पाने का दावा किया कि साजिश लाहौर के पास रची गई।
सूत्रों ने दावा किया कि इन चार लोगों के बारे में जानकारियों को पाकिस्तान के साथ उचित माध्यम से साझा किया गया है और भारत ने पाकिस्तान के साथ भविष्य में किसी बातचीत के लिए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई को एक शर्त के रूप में रखा है। उन्होंने कहा कि माना जाता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष पूर्व जनरल नासिर खान जांजुआ से बात की और आवाज संबंधी डाटा सहित सभी जरूरी सबूतों को साझा किया।
सबूतों में आरोप लगाया गया कि हालिया हमले में जैश ए मोहम्मद की संलिप्तता 15 जनवरी को इस्लामाबाद में भारत और पाकिस्तान के बीच प्रस्तावित विदेश सचिव स्तरीय बातचीत पर सवालिया निशान लगा सकती है।
सूत्रों ने कहा कि भारतीय एजेंसियों द्वारा अजहर, रउफ, अशफाक और काशिम की पहचान की गई है। रउफ वर्ष 1999 में काठमांडो में एयर इंडिया के विमान के अपहरण का षड्यंत्रकर्ता था जिसे बाद में अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया। आठ दिन का अपहरण संकट बंधक बनाए गए यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों को छोड़ने के बदले अजहर सहित तीन खूंखार आतंकवादियों की रिहाई के साथ खत्म हुआ था।
यह पूछे जाने पर कि इन चारों के खिलाफ भारत पाकिस्तान से क्या कार्रवाई चाहता है, सूत्रों ने कहा कि उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए और नयी दिल्ली को सौंपा जाना चाहिए ताकि जांच में उनसे पूछताछ की जा सके।
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने हाल में कहा था कि संकेत हैं कि आतंकवादियों द्वारा प्रयुक्त कुछ सामग्री पाकिस्तान निर्मित है।
भाषा
सूत्रों ने दावा किया कि इन चार लोगों के बारे में जानकारियों को पाकिस्तान के साथ उचित माध्यम से साझा किया गया है और भारत ने पाकिस्तान के साथ भविष्य में किसी बातचीत के लिए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई को एक शर्त के रूप में रखा है। उन्होंने कहा कि माना जाता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष पूर्व जनरल नासिर खान जांजुआ से बात की और आवाज संबंधी डाटा सहित सभी जरूरी सबूतों को साझा किया।
सबूतों में आरोप लगाया गया कि हालिया हमले में जैश ए मोहम्मद की संलिप्तता 15 जनवरी को इस्लामाबाद में भारत और पाकिस्तान के बीच प्रस्तावित विदेश सचिव स्तरीय बातचीत पर सवालिया निशान लगा सकती है।
सूत्रों ने कहा कि भारतीय एजेंसियों द्वारा अजहर, रउफ, अशफाक और काशिम की पहचान की गई है। रउफ वर्ष 1999 में काठमांडो में एयर इंडिया के विमान के अपहरण का षड्यंत्रकर्ता था जिसे बाद में अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया। आठ दिन का अपहरण संकट बंधक बनाए गए यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों को छोड़ने के बदले अजहर सहित तीन खूंखार आतंकवादियों की रिहाई के साथ खत्म हुआ था।
यह पूछे जाने पर कि इन चारों के खिलाफ भारत पाकिस्तान से क्या कार्रवाई चाहता है, सूत्रों ने कहा कि उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए और नयी दिल्ली को सौंपा जाना चाहिए ताकि जांच में उनसे पूछताछ की जा सके।
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने हाल में कहा था कि संकेत हैं कि आतंकवादियों द्वारा प्रयुक्त कुछ सामग्री पाकिस्तान निर्मित है।
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