Home > राष्ट्रीय > खुफिया एजेंसियों का खुलासा, PAK आर्मी चीफ राहील शरीफ को थी पठानकोट हमले की जानकारी!
खुफिया एजेंसियों का खुलासा, PAK आर्मी चीफ राहील शरीफ को थी पठानकोट हमले की जानकारी!
खुफिया एजेंसियों का खुलासा, PAK आर्मी चीफ राहील शरीफ को थी पठानकोट हमले की जानकारी!
पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ
पठानकोट में हुए आतंकी हमले के बारे में एक बड़ा खुलासा हुआ है. पता चला है कि हमले के बारे में पाकिस्तानी सेना प्रमुख के राहील शरीफ को पहले से जानकारी थी. भारतीय खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना वहां के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के शांति वार्ता के प्रयासों से पूरी तरह सहमत नहीं है.
हाल ही में हुई एक बैठक में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ ने नवाज को कहा था कि वह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन पाकिस्तानी सेना देश में मौजूदआतंकवादी संगठनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी. ये संगठन भारत के खिलाफ मुहिम छेड़े हुए हैं.
PAK सेना कर रही है आतंकियों का समर्थन?
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, आईएसआई दिसंबर 2014 से आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मत की ताकत बढ़ाने में जुटी है. बीते कुछ सालों में जैश-ए-मुहम्मद के कुछ लोग लश्कर-ए-जांघवी नाम के आतंकी संगठन से जुड़ गए जो कि पाकिस्तान को ही निशाना बना रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, जैश-ए-मुहम्मद को पाकिस्तानी सेना का समर्थन मिलने का सीधा मतलब से है कि भारत के खिलाफ आतंकवाद जारी रखना और पाकिस्तान के अंदर हो रहे हमलों को रोकना.
पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ
पठानकोट में हुए आतंकी हमले के बारे में एक बड़ा खुलासा हुआ है. पता चला है कि हमले के बारे में पाकिस्तानी सेना प्रमुख के राहील शरीफ को पहले से जानकारी थी. भारतीय खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना वहां के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के शांति वार्ता के प्रयासों से पूरी तरह सहमत नहीं है.
हाल ही में हुई एक बैठक में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ ने नवाज को कहा था कि वह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन पाकिस्तानी सेना देश में मौजूदआतंकवादी संगठनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी. ये संगठन भारत के खिलाफ मुहिम छेड़े हुए हैं.
PAK सेना कर रही है आतंकियों का समर्थन?
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, आईएसआई दिसंबर 2014 से आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मत की ताकत बढ़ाने में जुटी है. बीते कुछ सालों में जैश-ए-मुहम्मद के कुछ लोग लश्कर-ए-जांघवी नाम के आतंकी संगठन से जुड़ गए जो कि पाकिस्तान को ही निशाना बना रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, जैश-ए-मुहम्मद को पाकिस्तानी सेना का समर्थन मिलने का सीधा मतलब से है कि भारत के खिलाफ आतंकवाद जारी रखना और पाकिस्तान के अंदर हो रहे हमलों को रोकना.
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