जनसंघ के संस्थापक सदस्य रहे बलराज मधोक का निधन
आरएसएस प्रचारक और जनसंघ के संस्थापक रहे बलराम मधोक का सोमवार की सुबह निधन हो गया है. वह 96 साल के थे. कभी दक्षिणपंथी राजनीति की धुरी रहे बलराज मधोक अटल बिहारी वाजपेयी के साथ हुए विवाद के बाद राजनीति से खुद को अलग कर लिया था.
जनसंघ के अलावा उन्होंने जम्मू-कश्मीर में भी प्रजा परिषद नाम की पार्टी भी बनाई. लोकसभा के दो बार सांसद रहे बलराम मधोक अपने भाषण के लिए जाने जाते थे. भारतीय जनता पार्टी की छात्र ईकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की स्थापना भी बलराज मधोक का विचार था.
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के थे साथी
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ उन्होंने 1951 में जनसंघ की स्थापना की थी. इस पार्टी के पीछे दोनों नेताओं का विचार था कि जिस तरह से उस समय बंटवारे के समय जिस तरह की तुष्टीकरण की नीति अपनाई जा रही थी वो देश के लिए ठीक नहीं होगा. जनसंघ के बनने के बाद मुखर्जी जहां बंगाल के इलाके प्रमुख बने तो बलराज मधोक दिल्ली और पंजाब के क्षेत्र के प्रमुख बने.
किसने निकाला था पार्टी से
1967 के चुनाव में बलराज मधोक पार्टी के अध्य़क्ष थे. उनके नेतृत्व में पार्टी ने 37 सीटें जीतीं थी. उस समय कांग्रेस के अंदर काफी गहरे मतभेद हो चुके थे. मजबूत इसका फायदा उठाकर दक्षिणपंथी पार्टियों को मिलाकर एक अलग मोर्चा बनाना चाहते थे. लेकिन उस समय अटल बिहारी वाजपेयी ने इसका विरोध कर दिया. बात यहां तक बढ़ी कि वह पार्टी के खिलाफ ही बयान देने लगे. इसके बाद 1973 में जनसंघ के अध्यक्ष रहे लालकृष्ण आडवाणी ने उनको निकलाने का फैसला ले लिया.
हर्षवर्धन ने ट्वीट कर दी श्रद्धांजलि
बलराज मधोक के निधन पर केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी है.
जनसंघ के अलावा उन्होंने जम्मू-कश्मीर में भी प्रजा परिषद नाम की पार्टी भी बनाई. लोकसभा के दो बार सांसद रहे बलराम मधोक अपने भाषण के लिए जाने जाते थे. भारतीय जनता पार्टी की छात्र ईकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की स्थापना भी बलराज मधोक का विचार था.
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के थे साथी
श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ उन्होंने 1951 में जनसंघ की स्थापना की थी. इस पार्टी के पीछे दोनों नेताओं का विचार था कि जिस तरह से उस समय बंटवारे के समय जिस तरह की तुष्टीकरण की नीति अपनाई जा रही थी वो देश के लिए ठीक नहीं होगा. जनसंघ के बनने के बाद मुखर्जी जहां बंगाल के इलाके प्रमुख बने तो बलराज मधोक दिल्ली और पंजाब के क्षेत्र के प्रमुख बने.
किसने निकाला था पार्टी से
1967 के चुनाव में बलराज मधोक पार्टी के अध्य़क्ष थे. उनके नेतृत्व में पार्टी ने 37 सीटें जीतीं थी. उस समय कांग्रेस के अंदर काफी गहरे मतभेद हो चुके थे. मजबूत इसका फायदा उठाकर दक्षिणपंथी पार्टियों को मिलाकर एक अलग मोर्चा बनाना चाहते थे. लेकिन उस समय अटल बिहारी वाजपेयी ने इसका विरोध कर दिया. बात यहां तक बढ़ी कि वह पार्टी के खिलाफ ही बयान देने लगे. इसके बाद 1973 में जनसंघ के अध्यक्ष रहे लालकृष्ण आडवाणी ने उनको निकलाने का फैसला ले लिया.
हर्षवर्धन ने ट्वीट कर दी श्रद्धांजलि
बलराज मधोक के निधन पर केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने ट्वीट कर श्रद्धांजलि दी है.
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