नया वित्त वर्ष, नए टैक्स नियम! फाइनेंस एक्ट 2026 लागू होने से आपकी सेविंग्स पर कितना होगा असर?

Update: 2026-03-31 13:33 GMT

सरकार ने फाइनेंस एक्ट 2026 को नोटिफाई कर दिया है. जिससे टैक्स प्रावधानों में बदलाव करने का रास्ता साफ हो गया है. कानून और न्याय मंत्रालय द्वारा 30 मार्च को जारी एक राजपत्र अधिसूचना में कहा गया है कि यह अधिनियम 2026-27 के लिए केंद्र सरकार के वित्तीय प्रस्तावों को प्रभावी बनाता है. इसमें कहा गया है कि संसद के निम्नलिखित अधिनियम को 30 मार्च, 2026 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है और इसे आम जानकारी के लिए प्रकाशित किया जा रहा है.

पिछले हफ्ते, संसद ने वित्त विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी थी; राज्यसभा ने इसे ध्वनि मत से लोकसभा को वापस भेज दिया, जिससे 1 अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्त वर्ष के लिए बजटीय प्रक्रिया पूरी हो गई. लोकसभा ने 25 मार्च को 32 संशोधनों के साथ इस विधेयक को पारित कर दिया था.

कितना है देश का बजट

राज्यसभा ने संक्षिप्त चर्चा के बाद विधेयक को वापस भेज दिया, और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब दिए. केंद्रीय बजट 2026-27 में कुल 53.47 लाख करोड़ रुपए के व्यय का अनुमान है, जो 31 मार्च को समाप्त हो रहे मौजूदा वित्त वर्ष की तुलना में 7.7 प्रतिशत अधिक है. अगले वित्त वर्ष के लिए प्रस्तावित कुल पूंजीगत व्यय 12.2 लाख करोड़ रुपये है. इसमें 44.04 लाख करोड़ रुपये के सकल कर राजस्व संग्रह और 17.2 लाख करोड़ रुपये के सकल उधार का प्रस्ताव है. वित्त वर्ष 27 के लिए राजकोषीय घाटे का अनुमान GDP के 4.3 प्रतिशत पर लगाया गया है, जो मौजूदा वित्त वर्ष के 4.4 प्रतिशत से कम है.

कौन से नए नियम होंगे लागू?

वित्त अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार, 1 अप्रैल से कंपनियों के बायबैक प्रस्ताव में शेयर बेचकर व्यक्तिगत या कॉर्पोरेट शेयरधारकों द्वारा अर्जित पूंजीगत लाभ पर 12 प्रतिशत का एक समान अधिभार (surcharge) लगाया जाएगा. पर्सनल टैक्सपेयर्स के लिए बायबैक से होने वाले कैपिटल गेन पर 12 प्रतिशत का एक समान अधिभार लगाने से उनकी प्रभावी कर लागत में काफी वृद्धि होगी, क्योंकि पहले कम अधिभार संरचना लागू थी.

वर्तमान में, 50 लाख रुपए तक की कर योग्य आय पर कोई सरचार्ज नहीं लगाया जाता है, जबकि 50 लाख रुपए से 1 करोड़ रुपए के बीच की कर योग्य आय पर बायबैक से होने वाले पूंजीगत लाभ पर 10 प्रतिशत का अधिभार लगता है.

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