ईडी की बड़ी कार्रवाई: दिल्ली में छापेमारी, 6.24 करोड़ नकद, 17.4 करोड़ के आभूषण और 35 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज जब्त

Update: 2026-01-02 17:12 GMT

रिपोर्ट : विजय तिवारी

गुरुग्राम। प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के गुरुग्राम जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में निर्णायक कार्रवाई करते हुए 30 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 के बीच दिल्ली के कई ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत फरार गैंगस्टर इंदरजीत सिंह यादव, उसके सहयोगियों और उससे जुड़ी संस्थाओं/व्यक्तियों के खिलाफ की गई।

ईडी के अनुसार, इंदरजीत सिंह यादव और उसका संगठित आपराधिक नेटवर्क अवैध वसूली, निजी फाइनेंसरों के साथ जबरन लोन सेटलमेंट, हथियारों के बल पर डराने-धमकाने और इन गैरकानूनी गतिविधियों से मोटा कमीशन कमाने में लंबे समय से संलिप्त रहा है। इन्हीं अपराधों से अर्जित धन को छिपाने, परत-दर-परत निवेश करने और वैध दिखाने के आरोपों के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की गई।

15 से अधिक एफआईआर, कई कानूनों के तहत गंभीर आरोप

ईडी ने यह जांच हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज 15 से अधिक एफआईआर और दाखिल चार्जशीट्स के आधार पर शुरू की है। इन मामलों में आर्म्स एक्ट, 1959, भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या, जबरन वसूली, धोखाधड़ी, अवैध जमीन कब्जा और हिंसक अपराधों जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, इंदरजीत हरियाणा पुलिस के कई मामलों में वांछित है और फिलहाल फरार है।

अमन कुमार की अहम भूमिका, फंड रूटिंग का पर्दाफाश

जांच में यह भी सामने आया है कि इंदरजीत का करीबी सहयोगी अमन कुमार इस नेटवर्क की एक प्रमुख कड़ी था। वह निजी फाइनेंसरों के साथ जबरन सेटलमेंट कराने, फंड रूटिंग और अवैध कमीशनखोरी में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से अपराध की आय (Proceeds of Crime) से जुड़ी रकम और दस्तावेज बरामद होने के संकेत मिले हैं, साथ ही यह भी पाया गया कि वह इस धन को ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहा था।

छापेमारी में भारी बरामदगी

ईडी की कार्रवाई के दौरान :

₹6.24 करोड़ नकद,

लगभग ₹17.4 करोड़ मूल्य के सोने-हीरे के आभूषण,

करीब ₹35 करोड़ मूल्य की अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज,

कई चेकबुक, आपत्तिजनक कागजात और डिजिटल डेटा

जब्त किए गए। एजेंसी का कहना है कि यह सामग्री मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की पूरी संरचना उजागर करने में अहम भूमिका निभाएगी।

पहले भी हो चुकी है बड़ी जब्ती

ईडी के मुताबिक, इससे पहले इसी मामले में हुई तलाशी और जब्ती की कार्रवाई में 5 लग्जरी कारें, बैंक लॉकर, ₹17 लाख नकद, कई डिजिटल डिवाइस और अन्य अहम दस्तावेज जब्त किए जा चुके हैं। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अपराध से अर्जित धन का उपयोग कर कई चल-अचल संपत्तियां इंदरजीत सिंह यादव और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गईं।

यूएई से नेटवर्क संचालन की आशंका

प्रवर्तन निदेशालय को आशंका है कि इंदरजीत सिंह यादव फिलहाल United Arab Emirates से अपने आपराधिक और वित्तीय नेटवर्क का संचालन कर रहा है। एजेंसी अब विदेशों में भेजी गई रकम, शेल कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन की कड़ियों को भी खंगाल रही है।

जांच जारी, और बड़े खुलासों की संभावना

ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच जारी है। जब्त दस्तावेजों और डिजिटल डेटा के फॉरेंसिक विश्लेषण के बाद नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगियों, संपत्तियों और अंतरराष्ट्रीय फंड फ्लो को लेकर और बड़े खुलासे तथा नई कार्रवाइयां संभव

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